लखीसराय : बिहार में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक तस्वीर लखीसराय जिले के बालगुदर गांव से सामने आई है। यहां जुए के अड्डे पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम को उपद्रवियों ने निशाना बना लिया। पुलिसकर्मी कुछ लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़कर अपने साथ ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक भीड़ ने टीम पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते ईंट-पत्थरों की बारिश होने लगी। इस हमले में एक दारोगा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि महिला सिपाही समेत पांच अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। हालांकि, पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला लखीसराय थाना क्षेत्र के बालगुदर गांव स्थित साहनी टोला का है। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में बड़े पैमाने पर जुए का खेल चल रहा है। दिवाली के अवसर पर जुआरियों का जमावड़ा लगा हुआ था और वहां अवैध रूप से जुआ संचालित किया जा रहा था।
सूचना मिलते ही लखीसराय थाने की पुलिस सक्रिय हो गई। मामले की जांच और कार्रवाई के लिए तीन दारोगाओं के नेतृत्व में पुलिस टीम तैयार की गई। इसमें एसआई त्रिभुवन ठाकुर, एसआई पीके निराला और एसआई रवि कुमार शामिल थे। इनके साथ पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने पहले इलाके की घेराबंदी की, ताकि जुआ खेल रहे लोगों को भागने का मौका नहीं मिले।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से दो-तीन लोगों को जुआ खेलते हुए हिरासत में लिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें अपने वाहन तक ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच वहां मौजूद दूसरे जुआरियों और उनके समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुछ अन्य लोग भी मौके पर जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
शुरुआत में कहासुनी और हंगामे से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक रूप ले बैठा। उपद्रवियों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद अचानक ईंट और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया गया। पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अंधेरे में अचानक हुई रोड़ेबाजी से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हमले में एसआई त्रिभुवन ठाकुर के सिर पर पत्थर लग गया, जिससे उनका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर से खून बहने लगा। वहीं महिला सिपाही रुचि कुमारी समेत पांच अन्य पुलिसकर्मी भी पथराव की चपेट में आकर चोटिल हो गए।अचानक हुए हमले के कारण पुलिस टीम के सामने अपने साथियों को सुरक्षित निकालने की चुनौती खड़ी हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मी घायल साथियों को लेकर किसी तरह घटनास्थल से बाहर निकले। इसके बाद मामले की जानकारी थाने और वरीय अधिकारियों को दी गई। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए भेजा गया।
पुलिस टीम पर हमले की खबर मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को बालगुदर गांव के साहनी टोला भेजा गया। पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस का कहना है कि पकड़े गए लोगों पर पुलिस टीम के साथ मारपीट और पथराव करने के साथ सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
लखीसराय थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने पुलिस टीम पर हमले की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर हमला करने और जुआ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने वाले असामाजिक तत्वों के दुस्साहस को उजागर कर दिया है। सवाल यह भी है कि जुए के एक अड्डे पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को आखिर इतनी बड़ी भीड़ ने कैसे घेर लिया? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।





