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‘बेटा खोया, अब मदद से भी वंचित कर दिया गया’, शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के पिता का छलका दर्द; 21 लाख का चेक ले गई बहू

Bihar News: असम विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के पिता ने 21 लाख रुपये की सहायता राशि कथित पत्नी श्रेया राय को दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: असम में हुए विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के बलिदान के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने सरकार की ओर से दी गई 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता को लेकर सवाल उठाए हैं। 


उनका आरोप है कि यह राशि शुभम की कथित पत्नी श्रेया राय को सौंप दी गई, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी तक नहीं दी गई। अमरेंद्र शर्मा भावुक होकर कहते हैं, सरकार शहीदों के परिवारों की मदद करती है, लेकिन मुझे उससे भी वंचित कर दिया गया। हम काफी गरीब हैं। शुभम ही पूरे परिवार का सहारा था। उसे खोने के बाद अब हमारे पास कुछ नहीं बचा है।


परिवार के अनुसार, शुभम कुमार के बलिदान की सूचना मिलने के बाद श्रेया राय आजमगढ़ से बिहार पहुंचीं। उन्होंने शुभम के पार्थिव शरीर के साथ गांव तक यात्रा की और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुईं। लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने परिवार को झकझोर कर रख दिया।


आरोप है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली 21 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक हुलासगंज के अंचल अधिकारी (सीओ) ने श्रेया राय को सौंप दिया। शुभम के माता-पिता को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। अगले दिन जब अमरेंद्र शर्मा को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सीओ से संपर्क किया, जहां चेक सौंपे जाने की पुष्टि की गई।


अमरेंद्र शर्मा कहते हैं कि अगर मेरे बेटे ने सच में श्रेया से शादी की थी तो वह मेरी बहू है और चेक पाने की हकदार भी है। लेकिन पत्नी होने का फर्ज भी तो निभाना चाहिए था। पति के श्राद्धकर्म से पहले ही वह चेक लेकर अपने शहर चली गई। परिवार के साथ रहना चाहिए था, हमारे दुख में शामिल होना चाहिए था। न तो सीओ ने मुझे इसकी जानकारी दी और न ही श्रेया ने। दोनों ने मेरे साथ धोखा किया।



परिजनों के मुताबिक, शुभम कुमार और श्रेया राय एक-दूसरे से प्रेम करते थे और दोनों की शादी की योजना पहले से तय थी। परिवार भी इस रिश्ते के पक्ष में था। इसी वर्ष नवंबर में दोनों की शादी होने वाली थी, लेकिन परिवार में दादी के निधन के कारण विवाह को वर्ष 2027 की होली तक टाल दिया गया था। हालांकि, कोर्ट मैरिज को लेकर परिवार को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। इसी कारण अब आर्थिक सहायता राशि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।


शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बेटे की शहादत का दुख पहले से ही असहनीय है, लेकिन अब आर्थिक सहायता को लेकर हुए विवाद ने परिवार के जख्मों को और गहरा कर दिया है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Ajit Kumar

FirstBihar संवाददाता