गोपालगंज में बढ़ती ठंड के चलते 4 से 6 जनवरी तक स्कूल बंद, बच्चों को मिली राहत

गोपालगंज में शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने 4 से 6 जनवरी तक सभी सरकारी व निजी स्कूल, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी बंद रखने का आदेश दिया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 03 Jan 2026 04:46:27 PM IST

bihar

मंगलवार तक स्कूल बंद - फ़ोटो REPORTER

GOPALGANJ:- गोपालगंज से इस वक्त ठंड को लेकर एक बड़ी और बच्चों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। गोपालगंज जिले में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 4 जनवरी से 6 जनवरी तक जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में पढ़ाई पर रोक लगा दी गई है। 


दरअसल, उत्तर भारत के साथ-साथ बिहार में भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह और रात के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। 


जारी आदेश के अनुसार, 4 जनवरी से 6 जनवरी तक जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी। हालांकि, कक्षा 9वीं से ऊपर की कक्षाओं को आंशिक छूट दी गई है। ये कक्षाएं सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित की जाएंगी। डीएम पवन कुमार सिन्हा द्वारा जारी 


आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्री-बोर्ड परीक्षा बोर्ड परीक्षा और परीक्षाओं से संबंधित विशेष कक्षाएं इस आदेश से पूरी तरह मुक्त रहेंगी और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी। प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही,अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे ठंड के मौसम में बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकालें और उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। इस फैसले के बाद अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है। 


लोगों का कहना है कि लगातार गिरते तापमान और कोहरे के कारण छोटे बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया था, ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय समय पर और जरूरी कदम है। स्पष्ट है कि गोपालगंज जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और ठंड को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही। मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी आवश्यकतानुसार निर्णय लिए जा सकते हैं।

REPORT: NAMO NARAYAN MISHRA