गोपालगंज में बंदरों का आतंक: मां की गोद से 3 महीने के मासूम को छीना, जमीन पर पटकने की कोशिश

गोपालगंज में बंदरों के आतंक मचा रखा है। मां की गोद से छीनकर बंदर ने 3 महीने के मासूम को जमीन पर पटकने की कोशिश की। इस दौरान बच्चे का सिर पकड़ लिया जिससे वो बुरी तरह घायल हो गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 01, 2025, 7:15:07 PM

बिहार

बंदरों से सावधान - फ़ोटो REPORTER

 GOPALGANJ: गोपालगंज से दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां बंदरों के आतंक ने इंसानी जिंदगी को दांव पर लगा दिया। इस बार बंदरों का शिकार महज़ 3 महीने का मासूम बच्चा बना।


जिसे मां की गोद से छीनकर बंदर ने जमीन पर पटकने की कोशिश की। बच्चे की हालत गंभीर है। उसका इलाज गोपालगंज सदर अस्पताल में जारी है। घटना गोपालगंज जिले के माझागढ़ प्रखंड के देवापुर शेखपुरदिल गांव का है।


घटना के संबंध में बताया जाता है कि व्यास राम के 3 महीने के बेटे घर के आंगन में सोया हुआ था। तभी अचानक कुछ बंदर घर में घुस आए। बच्चे पर हमला बोलते हुए एक बंदर ने मासूम को मां की गोद से छीनकर जमीन पर पटकने की कोशिश की।


बच्चे की मां रंजू देवी ने बताया कि बंदरों के झूंड को देखकर बेटे को गोद में उठाया और भागने लगी। लेकिन तभी एक बंदर ने मेरे बच्चे का सिर पकड़ लिया और उसे जमीन पर पटकने की कोशिश की। जिसके कारण बच्चे के सिर में चोट लग गई है। बंदर ने उसके बाल भी नोच दिए। बच्चे के सिर में गंभीर चोटे आई है। 


परिवारवालों ने तुरंत बच्चे को सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसकी इलाज में लगे हुए हैं। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मुस्तफा ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है, फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि 3 महीने का बच्चा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस पर मंकी अटैक हुआ है। उसके सिर में चोट लगी है और इलाज किया जा रहा है।


 इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि आए दिन बंदर गांव में घुसकर हमला कर रहा है। कभी बच्चों को तो कभी महिलाओं और बुजुर्गों को शिकार बना रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। गोपालगंज में बंदरों का आतंक अब इंसानी जिंदगियों के लिए खतरा बन गया है। 

नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट