1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 19, 2025, 6:00:17 PM
नहीं सुधरेंगे शराब तस्कर - फ़ोटो SOCIAL MEDIA
GOPALGANJ: बिहार में 9 साल से पूर्ण शराबबंदी है। लेकिन ना तो शराब पीने वाले सुधरने का नाम ले रहे हैंं और ना ही इसे बेचने वाले ही अपनी आदतों से बाज आ रहे हैं। धंधेबाज शराब की तस्करी के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। गोपालगंज जिले में शराब तस्करी का नया तरीका सामने आया है।
उत्पाद विभाग की टीम ने एक स्कॉर्पियो से 834 लीटर विदेशी शराब बरामद किया है। खास बात यह है कि शराब की तस्करी के लिए स्कॉर्पियो में तहखाना बनाया गया था। गोपालगंज जिले में उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर देर रात बड़ी कार्रवाई की। हथुआ थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पुशनी पंचायत के समीप तीनमोहनी के पास छापेमारी कर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को पकड़ाा।
जब स्कॉर्पियो की तलाशी ली गयी तब उसमे बने तहखाने से 834 लीटर विदेशी शराब बरामद किया गया। इस दौरान पुलिस को देख तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गये। बताया जा रहा है कि गाड़ी में विशेष तरीके से तहखाना बनाकर शराब की खेप बाहर से मंगाई जाती थी और फिर जिले के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई की जाती थी।
उत्पाद अधीक्षक अमितेश कुमार झा ने बताया कि शराब तस्करों के द्वारा लगातार नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। लेकिन शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए विभाग सघन वाहन जांच अभियान चला रहा है। ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” उत्पाद विभाग ने वाहन को जब्त कर लिया है और अब फरार तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गोपालगंज में शराबबंदी के बावजूद तस्करों का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। विभाग की मानें तो अलग-अलग तरीके अपनाकर तस्कर शराब सप्लाई कर रहे हैं। लेकिन पुलिस और उत्पाद विभाग की लगातार निगरानी और कार्रवाई से इन पर नकेल कसने की कोशिश जारी है।