BIHAR NEWS : गोपालगंज जिले के विश्वम्भरपुर थाना क्षेत्र में हुई एक निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अमवा विजयपुर बांध के समीप स्थित चवर में एक 60 वर्षीय व्यक्ति का सिरकटा शव मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह स्थानीय लोगों ने गन्ने के खेत के पास एक मोटरसाइकिल को संदिग्ध अवस्था में खड़ा देखा। काफी देर तक बाइक के पास कोई नहीं पहुंचा तो लोगों को शक हुआ। जब कुछ ग्रामीण आसपास तलाश करने खेत के अंदर गए तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। खेत के बीचों-बीच एक व्यक्ति का सिरकटा शव पड़ा हुआ था।
घटना की खबर तेजी से इलाके में फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर विश्वम्भरपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के सीरिसिया गांव निवासी मो. मुस्तफा के रूप में की। बताया जाता है कि मृतक ट्रैक्टर चालक के रूप में कार्य करते थे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घटनास्थल से बरामद मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है। हत्या जिस क्रूर तरीके से की गई है, उसे देखकर पुलिस भी हैरान है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अपराधियों ने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है।
मृतक के परिजनों ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है। परिवार के लोगों का कहना है कि कुछ दिनों से जमीन के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों के अनुसार 9 जून को जमीन लिखाने को लेकर बातचीत हुई थी। इसके बाद 10 जून की शाम किसी का फोन आने पर मो. मुस्तफा घर से निकले थे। घर से निकलने के कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद परिवार वालों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
परिजनों का आरोप है कि जमीन से जुड़े विवाद के कारण ही उनकी हत्या की गई है। हालांकि पुलिस अभी किसी एक कारण पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या कहीं पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या किसी अन्य कारण से तो नहीं की गई।
घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने बारीकी से जांच की और कई वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। टीम ने आसपास के क्षेत्र से फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी प्रमाण भी जुटाए हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन साक्ष्यों से अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संवेदनशील मामला है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों का विश्लेषण कराया जा रहा है। जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल सिरकटी लाश मिलने की इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों के बीच भय का माहौल है, जबकि परिजन दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इस नृशंस हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी।



