industrial area : बिहार के इस जिले की बदलेगी सूरत, 380 करोड़ रुपये से बनेगी तीन बाईपास और एक सड़क; जिले की बदलेगी सूरत

"नए साल में गोपालगंज में 380 करोड़ रुपये की लागत से तीन बाईपास और थावे मंदिर की संपर्क सड़क का निर्माण होगा, जिससे यातायात सुगम और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।"

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 27, 2025, 9:50:10 AM

industrial area : बिहार के इस जिले की बदलेगी सूरत, 380 करोड़ रुपये से बनेगी तीन बाईपास और एक सड़क; जिले की बदलेगी सूरत

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industrial area : गोपालगंज में नए साल में 380 करोड़ रुपये की लागत से तीन बाईपास और एक संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे जिले में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यातायात सुगम बनेगा। इस परियोजना के तहत शहर के दक्षिणी छोर पर नई बाईपास सड़क, मीरगंज के उत्तरी छोर से समऊर पथ को जोड़ने वाली बाईपास, विजयीपुर को देवरिया से जोड़ने वाली बाईपास और थावे मंदिर की संपर्क व आंतरिक पथ का निर्माण कराया जाएगा।


शहर के दक्षिणी छोर की बाईपास सड़क के लिए 126.54 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह 12.60 किलोमीटर लंबी सड़क मांझागढ़ प्रखंड के दानापुर गांव के समीप से शुरू होकर आदमापुर गांव और थावे प्रखंड से गुजरते हुए एनएच 531 से जुड़ेगी। इस सड़क के बनने से एनएच 27 से पूर्व दिशा से आने वाले वाहन चालकों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही एनएच 531 तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे शहर में जाम और भीड़भाड़ कम होगी।


मीरगंज-सबेयां बाईपास सड़क के निर्माण पर 131.32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सड़क मीरगंज शहर के उत्तरी छोर से समऊर पथ तक 3.18 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क बनेगी। इस सड़क के बनने से गोपालगंज और थावे की ओर से आने वाले वाहन मीरगंज शहर में प्रवेश किए बिना ही फुलवरिया, भोरे, विजयीपुर, कटेया, पंचदेवरी और यूपी के समऊर, भटनी, देवरिया क्षेत्रों में पहुंच सकेंगे। इससे मीरगंज शहर में जाम और भीड़भाड़ से निजात मिलेगी।


कटेया-विजयीपुर-देवरिया बाईपास सड़क 5.75 किलोमीटर लंबी होगी, जिसका निर्माण 90.34 करोड़ रुपये की लागत से होगा। यह सड़क कटेया औद्योगिक क्षेत्र के विकास में मदद करेगी। कटेया के बैरिया में सुधा का दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र बन रहा है और अन्य उद्योग भी स्थापित होंगे। इस सड़क के बनने से औद्योगिक क्षेत्र का विकास और व्यापार में वृद्धि होगी।


थावे मंदिर की संपर्क और आंतरिक पथ का निर्माण 30.75 करोड़ रुपये की लागत से होगा। राज्य सरकार ने मंदिर तक आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह मार्ग बनाने की स्वीकृति दी है। इससे यहां हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी होगी और मंदिर क्षेत्र का विकास भी होगा।

सरकार ने इन सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी पथ निर्माण विभाग को सौंपी है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उम्मीद की जा रही है कि नए साल के आरंभ में इन परियोजनाओं पर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं से न केवल गोपालगंज जिले में यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।


इन बाईपास सड़कों और संपर्क मार्गों के निर्माण से शहर की भीड़भाड़ कम होगी, औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी। इस परियोजना के पूरा होने से गोपालगंज जिले में सड़क परिवहन की स्थिति में बड़ा सुधार आएगा और जिले की समग्र विकास योजनाओं को बल मिलेगा। कुल मिलाकर, 380 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से गोपालगंज में यातायात सुविधा, औद्योगिक विकास और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।