गोपालगंज में 4 दिन से लापता युवती की लाश बगीचे से बरामद, हत्या के विरोध में परिजनों ने किया सड़क जाम हंगामा

गोपालगंज जिले के बरौली थाना क्षेत्र के बखरौर गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब चार दिन से लापता एक युवती का शव गांव के एक बगीचे से बरामद हुआ। मृतका की पहचान निजी स्कूल में पढ़ाने वाली 21 वर्षीय सुधा कुमारी के रूप में हुई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 25, 2025, 9:13:55 PM

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परिजनों में मचा कोहराम - फ़ोटो google

GOPALGANJ: गोपालगंज जिले के बरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत बखरौर गांव में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवती का शव पेट्रोल पंप के पीछे स्थित बगीचे से बरामद हुआ। मृतका की पहचान बखरौर गांव निवासी शिवदयाल राम की 21 वर्षीय पुत्री सुधा कुमारी के रूप में हुई है, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। 


सुधा 21 अप्रैल की रात को अपने घर में सोई थी, लेकिन अगली सुबह वह घर से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी। परिजनों ने युवती के लापता होने की सूचना स्थानीय थाना में दी और सनहा दर्ज कराया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। लापरवाही से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को शव मिलने के बाद मुख्य सड़क को जाम कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मौके पर एसपी को बुलाने की मांग की।


स्थानीय मुखिया मनोज श्रीवास्तव ने मृतका के परिजनों का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित और निर्मम हत्या है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो ग्रामीणों द्वारा व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा और सड़क जाम एवं धरना-प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।


घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सिधवलिया एसडीपीओ अभय रंजन ने स्थिति को संभाला और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। एसडीपीओ ने बताया कि सुधा कुमारी की मौत चार दिन पहले हुई प्रतीत होती है और यह हत्या का मामला लग रहा है। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


पुलिस ने युवती के परिवार से विस्तृत जानकारी ली है और मामले को गंभीरता से लेते हुए संभावित संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट हो रहे हैं, जबकि प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर मृतका के परिवार को न्याय दिला पाती है या नहीं।