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नेपाल की भारी बारिश से गोपालगंज में बढ़ा बाढ़ का खतरा, उफान पर गंडक नदी, प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश से गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण राहत शिविर, पशुओं के लिए सुरक्षित ठिकाने और बेहतर प्रशासनिक तैयारियों की मांग कर रहे हैं।

बिहार न्यूज
नेपाल की बारिश से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

गोपालगंज: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार के गोपालगंज जिले में साफ दिखाई देने लगा है। गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीण अपने परिवार, मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं।


नेपाल की बारिश से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा और गंडक नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट सकता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। लोगों ने प्रशासन से समय रहते राहत एवं बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।


खाप मकसूदपुर में मवेशियों को बचाने की चुनौती

खाप मकसूदपुर गांव के अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। यहां दूध उत्पादन और पशुपालन ही आजीविका का प्रमुख साधन है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीण अपने मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर ले जाने के साथ-साथ उनके लिए चारे और सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करने में जुटे हैं। कई परिवारों ने घर का आवश्यक सामान भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।


हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं 62 गांव

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंडक नदी की बाढ़ हर वर्ष भारी तबाही लेकर आती है। बाढ़ के कारण खेत जलमग्न हो जाते हैं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। गोपालगंज जिले के छह प्रखंडों के करीब 62 गांव प्रतिवर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। इस वर्ष नेपाल में अधिक बारिश होने से खतरा और बढ़ गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।


राहत शिविर और पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान की मांग

जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। पशुओं को रखने के लिए सुरक्षित शेड, चारे की व्यवस्था और अन्य जरूरी संसाधनों की भी कमी है। उनका कहना है कि नेपाल में बारिश शुरू होते ही प्रशासन को संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर देनी चाहिए थीं।


जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में बढ़ी चिंता

फिलहाल गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे दियारा क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। कई परिवार रातभर जागकर नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश जारी रही तो गोपालगंज के निचले इलाकों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।


ऐसी स्थिति में प्रशासन के सामने न केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, बल्कि पशुधन की सुरक्षा, राहत शिविरों की व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी बड़ी चुनौती होगी। ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन की राहत एवं बचाव तैयारियों पर टिकी हैं।

गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट

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