ब्रेकिंग
नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानक

Bihar News: देर रात फ्रेश होने के लिए गाड़ी से उतरे थे IPS अधिकारी, वाहन लेकर फरार हो गया ड्राइवर; पैदल पहुंचे थाना

Bihar News: पटना से गयाजी जा रहे बिहार के विशेष सशस्त्र बल के कमांडेंट और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपक रंजन के साथ एक असामान्य और हैरान कर देने वाला मामला हुआ है.

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: पटना से गयाजी जा रहे बिहार के विशेष सशस्त्र बल के कमांडेंट और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपक रंजन के साथ एक असामान्य और हैरान कर देने वाला मामला हुआ है। यह घटना जहानाबाद जिले के टेहटा थाना क्षेत्र में सामने आया है। अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों बॉडीगार्ड और ड्राइवर ने अचानक गाड़ी छोड़कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया, जिससे दीपक रंजन को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।


घटना गुरुवार (29 मई, 2025) की रात की बताई जा रही है। दीपक रंजन पेट्रोल पंप पर शौच के लिए रुके थे, जहाँ उनके साथ दोनों बॉडीगार्ड और ड्राइवर भी उतरे। सभी मोबाइल फोन में व्यस्त हो गए। अंधेरा होने के कारण सड़क किनारे माहौल असहज था। गाड़ी चालक और बॉडीगार्ड बिना बताए गाड़ी लेकर वहां से आगे चल दिए, जबकि दीपक रंजन का मोबाइल और अन्य जरूरी सामान गाड़ी में ही रह गया था।


गाड़ी न मिलने पर दीपक रंजन काफी परेशान हुए और उन्होंने किसी अन्य वाहन का इंतजार करने के बजाय रात के अंधेरे में करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलने का फैसला किया। वे टेहटा थाना पहुंचे और वहां से थानाध्यक्ष के मोबाइल से बोधगया बटालियन के कमांडेंट के रीडर व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। तत्पश्चात जहानाबाद पुलिस की गाड़ी से उन्हें गयाजी भेजा गया।


इस गंभीर मामले में कमांडेंट के ड्राइवर दीपक कुमार और दोनों बॉडीगार्डों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर भी इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की लापरवाही और अनुशासनहीनता पुलिस विभाग की छवि के लिए निंदनीय है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे।


इस घटना पर पूछे जाने पर कमांडेंट दीपक रंजन ने इसे मामूली मामला बताते हुए कहा कि वे सुरक्षित हैं और पूरी टीम के साथ मिलकर इसे हल कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


यह घटना बिहार पुलिस के भीतर अनुशासनात्मक सुधारों की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है। पिछले कुछ वर्षों में विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार और जवाबदेही को लेकर कई पहल की हैं। डिजिटल मॉनिटरिंग और गाड़ी ट्रैकिंग सिस्टम को लागू करने का भी लक्ष्य रखा गया है ताकि इस तरह की घटनाओं पर नजर रखी जा सके।