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गया में माओवादियों के पोस्टर से दहशत, आफताब, जुबेर, शशिकांत, सुनील को हाजिर होने को कहा

GAYA : लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार की बरसी पर माओवादियों ने आफताब अंसारी, जुबेर अंसारी, शशिकांत रविदास और सुनील पासवान को हाजिर होने का निर्देश दिया है। बुधवार की देर रात गया के डुमरिय

गया में माओवादियों के पोस्टर से दहशत, आफताब, जुबेर, शशिकांत, सुनील को हाजिर होने को कहा
First Bihar
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GAYA : लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार की बरसी पर माओवादियों ने आफताब अंसारी, जुबेर अंसारी, शशिकांत रविदास और सुनील पासवान को हाजिर होने का निर्देश दिया है। बुधवार की देर रात गया के डुमरिया में भाकपा माओवादियों ने पोस्टर चिपकाकर इन सभी को हाज़िर होने को कहा है। पोस्टर में ये भी कहा गया है कि भाकपा (माओवादी) से जुड़ा संगठन पीएलजीए के 19वें स्थापना दिवस पर नवयुवकों की नियुक्तियां करेगा, जिसके बाद गांव-गांव में मोर्चा बनाया जाएगा। 




भाकपा माओवादी ने ये पोस्टर डुमरिया प्रखंड के महुडी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बरवाडीह में चिपकाया है। दरअसल, लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार के आज  25 साल पूरे हो चुके हैं। ऐसे में इस तरह के पोस्टर से लोग सहम गए हैं। लक्ष्मणपुर बाथे जैसी घटना को आज भी कोई भूल नहीं पाया है। ये वही नरसंहार है जिसमें अरवल में एक घंटे के अंदर पांच दर्जन लोगों की हत्या कर दी गई थी। वहीं, एक बार फिर माओवादियों ने लोगों के बीच दहशत फैला दिया है। 




आपको बता दें, माओवादी संगठन जंगलों में अपना अड्डा ज़माना चाहते हैं। हालांकि इन जंगलों में कोबरा जवान काफी एक्टिव रहते हैं। यही वजह है कि नक्सल प्रभावित पुराने इलाकों में संगठन का विस्तार खुलकर सामने नहीं आया है। भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता के निधन और गिरफ्तारी के बाद संगठन कमजोर हो चुका है। अब भाकपा माओवादियों ने पोस्टर के ज़रिये भाकपा माओवादी दुबारा संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। माओवादी पोस्टर चिपकाकर अपनी मंशा जाहिर कर रहे हैं। जिस तरह से नौजवानों की नियुक्ति की बात कही गई है और पुराने ढर्रे पर हाजिर होने का निर्देश दिया गया है उससे माना जा रहा है कि यह उसी का हिस्सा है।

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