GAYA: गया मुख्यालय से करीब 15 KM. दूर स्थित पंचानपुर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ 5 युवकों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद से सभी आरोपी मौके से फरार हो गये। इस दौरान गैंगरेप के आरोपियों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया और उसे घटना के दो महीने बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर अपलोड कर दिया जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
पीड़िता ने बताया कि वह शौच के लिए घर से बाहर गई हुई थी कि तभी हथियार से लैस पांच युवकों ने उसे पकड़ लिया और गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। जब पीड़िता शोर मचाने लगी तब उसकी आवाज सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंच गये। वही गांव वालों को आते देख पांचों युवक मौके से फरार हो गये। इस घटना के बाद आरोपियों के ख़ौफ और सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से यह मामला दबा रहा। घटना 9 फरवरी 2025 की है लेकिन डर के कारण ना तो पीड़िता ने किसी से इसकी चर्चा की और ना ही परिजनों ने पुलिस को बताया।
पीड़िता का कहना है कि उसे घटना के बाद से लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। परिवार वालों को भी धमकाया जा रहा था। इसी डर के कारण हम पुलिस के पास नहीं गये। क्योंकि आरोपियों ने कहा था कि पुलिस के पास गई तो अंजाम बहुत बुरा होगा। पीड़िता को बराबर यह धमकी दी जा रही थी कि यदि इस बात की जानकारी किसी को दी तो जान से मार देंगे। संजय, रंजय,योगिन्द्र,महेन्द्र नामक बदमाशों को कानून का डर नहीं था। यही कारण है कि दुष्कर्म का वीडियो को इन लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सामाजिक प्रतिष्ठा और डर की वजह से दबा हुआ मामला फिर सामने आ गया।
आरोपी युवकों ने 16 अप्रैल 2025 को इस गैंगरेप की घटना का अश्लील वीडियो फेसबुक पर वायरल कर दिया। जब इस बारे में पीड़िता और उसके परिवार को पता चला तो उन्होंने युवकों को समझाने की कोशिश की कहा कि यह बच्ची की इज्जत का बात है लेकिन मनचलों के कान तक जू नहीं रेंगी। आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिजनों को धमकी देने लगे। मनचलों की हरकतों से तंग आकर पीड़िता के घरवाले 24 अप्रैल को पंचानपूर थाने पहुंचे और इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एफआईआर दर्ज हुए पांच दिन बीत चुके है। इसके बावजूद वीडियो को सोशल मीडिया से हटाया नहीं गया। हालांकि पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत अबतक 5 में से दो आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है लेकिन अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पीड़िता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़िता ने खुद सोमवार को साइबर थाने में गुहार लगाई। तब जाकर पुलिस महकमा हरकत में आया। आनन-फानन में शाम 6 बजे फेसबुक को वीडियो हटाने का अनुरोध भेजा गया।
थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार ने दावा किया कि एफआईआर के बाद तुरंत कार्रवाई की गई और साइबर थाने को फेसबुक से वीडियो डिलीट कराने के लिए कहा गया। लेकिन सुत्रो के अनुसार सोमवार शाम तक पंचानपुर थाना की ओर से साइबर थाने को कोई आधिकारिक सूचना नहीं भेजी गई थी।
टिकारी एसडीपीओ एसके चंचल ने बताया कि साइबर थाने से संपर्क करने में यदि कोई भी लापरवाही हुई है तो तहकीकात होगी। साथ ही फेसबुक और मेटा से बातचीत कर वीडियो हटवाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की किसी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गया से नितम राज की रिपोर्ट




