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Bihar News: ड्रोन गिरने से महाबोधि मंदिर कार्यालय में मचा कोहराम, जांच शुरू

Bihar News: बोधगया के महाबोधि मंदिर के कार्यालय परिसर में ड्रोन गिरने से अफरा-तफरी मच गई। मंदिर में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है, मामले की जांच जारी है।

Bihar News
बिहार न्यूज
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar News: बिहार के गया जिले के बोधगया में स्थित विश्वविख्यात महाबोधि मंदिर के कार्यालय परिसर में बुधवार दोपहर एक ड्रोन गिरने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। यह ड्रोन बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) के कार्यालय परिसर में अचानक आ गिरा, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों में खलबली मच गई।


महाबोधि मंदिर और उसके आसपास का क्षेत्र "नो-फ्लाई जोन" घोषित है, जहां किसी भी प्रकार की ड्रोन उड़ान कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। अचानक ड्रोन गिरने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब यह स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और हजारों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं का आगमन प्रतिदिन होता है।


ड्रोन गिरने के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ ही देर बाद महाबोधि मंदिर के एक पुजारी और बौद्ध भिक्षु वहां पहुंचे और उन्होंने स्वीकार किया कि यह ड्रोन उन्हीं का था, जिसे वे परिसर में उड़ा रहे थे। यह बयान सामने आने के बाद बीटीएमसी कर्मचारियों और अधिकारियों में असंतोष देखने को मिला, क्योंकि ऐसा कृत्य स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों और नियमों का उल्लंघन है।


इस मामले में बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं बीटीएमसी सदस्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि, “मंदिर और कार्यालय परिसर में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। यह सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है और इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।”


महाबोधि मंदिर का इतिहास गवाह है कि यह स्थल पहले भी गंभीर खतरे का सामना कर चुका है। साल 2013 में यहां आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई बम विस्फोट हुए थे और कई लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर, बम स्कैनिंग उपकरण और सुरक्षाकर्मी हर समय तैनात रहते हैं। ऐसे में ड्रोन उड़ाया जाना, भले ही किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा हो, सुरक्षा में बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है।