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Bihar News: बिहार में यहाँ खुलेगा एक और डायल-112 कमांड सेंटर, प्रति वर्ष ₹8 करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च

Bihar News: बिहार में डायल-112 का नया कमांड सेंटर बनेगा। गृह विभाग ने 132 पदों को दी मंजूरी, 8 करोड़ 6 लाख रुपये सालाना खर्च। मगध क्षेत्र में त्वरित मदद, रिस्पांस टाइम बेहतर होगा..

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए गयाजी में डायल-112 का नया कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाया जाएगा। यह पटना के बाद दूसरा ऐसा सेंटर होगा, जिसे गृह विभाग ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए 132 नए पद सृजित किए गए हैं, जिनमें डीएसपी, पुलिस निरीक्षक, अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक, सिपाही, चालक सिपाही, निम्नवर्गीय लिपिक और परिचारी शामिल हैं। इस सेंटर के निर्माण और संचालन पर सालाना 8 करोड़ 6 लाख रुपये का खर्च आएगा। यह सेंटर पटना के प्राइमरी सेंटर की मिरर साइट के रूप में काम करेगा और इसकी क्षमता प्राइमरी सेंटर की तुलना में 20 प्रतिशत होगी।


वर्तमान में डायल-112 का एकमात्र कंट्रोल सेंटर पटना में संचालित हो रहा है जो पुलिस, अग्निशमन और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए 24 घंटे उपलब्ध है। गयाजी में नया सेंटर बनने से मगध क्षेत्र के जिलों जैसे जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा और गया में आपातकालीन मदद तुरंत पहुंचाना आसान हो जाएगा। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, डायल-112 का मौजूदा रिस्पांस टाइम साढ़े 14 मिनट है, जिसे और कम करने का लक्ष्य है। इस नए सेंटर से रिस्पांस टाइम में सुधार होगा, खासकर मगध जोन में जहाँ भौगोलिक दूरी के कारण पहले देरी होती थी।


इस सेंटर में कॉल रिस्पांस एसोसिएट की जिम्मेदारी 98 सिपाहियों को दी जाएगी जो हर पाली में 20-20 की संख्या में कॉल रिसीव करेंगे। कॉल डिस्पैच की जिम्मेदारी 15 पुलिस अवर निरीक्षक और 10 सहायक अवर निरीक्षक संभालेंगे, जबकि 5 पुलिस निरीक्षक और 1 डीएसपी पूरे सेंटर की मॉनिटरिंग करेंगे। इसके अलावा, एक चालक सिपाही, एक निम्नवर्गीय लिपिक और एक परिचारी भी तैनात होंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि आपातकालीन कॉल्स पर तुरंत कार्रवाई हो और जरूरतमंदों को समय पर मदद मिले।


गयाजी में यह सेंटर मगध क्षेत्र की आपातकालीन सेवाओं को सशक्त करेगा। डायल-112 की सेवा पहले ही बिहार में दो साल में 20 लाख लोगों तक मदद पहुंचा चुकी है और अब इस नए सेंटर से यह आंकड़ा और बढ़ेगा। पुलिस मुख्यालय लगातार इस सेवा की समीक्षा कर रहा है ताकि मानव बल और तकनीकी संसाधनों को बढ़ाकर रिस्पांस टाइम को और कम किया जा सके। गयाजी का यह सेंटर न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पितृपक्ष मेला जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा में भी मददगार होगा।

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