Bihar News: बिहार के गया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 20 वर्षीय नवविवाहिता ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। लेकिन इस घटना को और रहस्यमयी बना दिया है उस डायरी ने, जिसमें उसने अपने आखिरी जज़्बात लिखे, और एक मोबाइल वीडियो, जिसने पुलिस को कई सवालों के सामने खड़ा कर दिया है। मामला डेल्हा थाना क्षेत्र के खरखुरा भलुआही ब्रह्मस्थान इलाके का है।
मृतका की पहचान शिवानी कुमारी के रूप में हुई है, जो अपने पति मनीष कुमार (असिस्टेंट लोको पायलट) के साथ किराए के मकान में रहती थी। शनिवार देर रात की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बताया जा रहा है कि घटना के समय उसका पति ड्यूटी पर गया हुआ था।
रात करीब 12 बजे जब मनीष ड्यूटी से लौटा, तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार पत्नी को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो उसने आसपास के लोगों को बुलाया। दरवाजा तोड़कर जब अंदर देखा गया, तो शिवानी पंखे से लटकी मिली। यह दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया।
सूचना मिलते ही डेल्हा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। रविवार सुबह परिजनों के आने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
जांच के दौरान पुलिस को मौके से एक डायरी मिली, जिसमें शिवानी ने नौ पन्नों में अपने दिल की बातें लिखी थीं। डायरी में उसने लिखा—
“मैं गलत थी… मायका, दीदी, जीजाजी और ससुराल को साथ नहीं रख पाई… मेरे मरने के बाद आप दूसरी शादी कर लेना…”
इन शब्दों ने पूरे मामले को भावनात्मक और रहस्यमयी बना दिया है। डायरी में उसने कहीं भी सीधे तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन उसके शब्द गहरे मानसिक तनाव की ओर इशारा करते हैं।
इतना ही नहीं, मौके से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसका कैमरा ऑन था। आशंका जताई जा रही है कि शिवानी ने अपनी मौत से पहले कोई वीडियो भी रिकॉर्ड किया होगा। हालांकि, मोबाइल लॉक होने के कारण अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और एफएसएल टीम इस एंगल से भी जांच कर रही है।
वहीं, मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब मृतका के मायके वालों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया। शिवानी की मां रीता देवी और बहन पुष्पा कुमारी ने उसके पति मनीष कुमार पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मनीष लगातार दहेज की मांग करता था और प्रताड़ित करता था।
परिजनों के मुताबिक, पहले जमीन रजिस्ट्री की बात हुई थी, लेकिन उसके बावजूद उनकी बेटी को नहीं छोड़ा गया। उनका आरोप है कि हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया गया।
फिलहाल पुलिस इस मामले को हर एंगल से जांच रही है—यह आत्महत्या है या हत्या, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल डेटा के विश्लेषण के बाद ही हो पाएगा। डेल्हा थानाध्यक्ष देवराज इंद्र ने बताया कि डायरी और मोबाइल दोनों को जांच के लिए भेजा गया है और परिजनों के लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




