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4 लाख के लालच में रची गई झूठी साजिश! सच सामने आते ही कांपा सिस्टम, बेगुनाह अब भी काट रहा उम्रकैद की सजा

Bihar News: मुंगेर से सामने आया यह मामला अब न्याय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। एक युवती के खुलासे ने उस कहानी को पलट दिया है, जिसमें एक युवक उम्रकैद की सजा काट रहा है… लेकिन सच क्या है, यह अब जांच और अदालत...

4 लाख के लालच में रची गई झूठी साजिश! सच सामने आते ही कांपा सिस्टम, बेगुनाह अब भी काट रहा उम्रकैद की सजा
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि न्याय व्यवस्था और समाज दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। यहां एक युवती ने बालिग होने के बाद ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। जिस केस को अब तक एक जघन्य अपराध माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकला—और इस साजिश की कीमत एक बेगुनाह युवक आज भी जेल में उम्रकैद की सजा काटकर चुका रहा है।


धरहरा थाना क्षेत्र की रहने वाली इस युवती ने राष्ट्रपति और हाईकोर्ट को पत्र लिखकर स्वीकार किया है कि साल 2022 में उसके साथ जो ‘अपराध’ दिखाया गया था, वह पूरी तरह से झूठा था। उसने साफ कहा कि न उसका अपहरण हुआ था और न ही उसके साथ कोई दुष्कर्म। यह कहानी उसकी अपनी मां और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर रची थी, ताकि सरकार से मिलने वाला मुआवजा हासिल किया जा सके।


युवती के मुताबिक, उस समय उसकी उम्र महज 14 साल थी। उसे बहला-फुसलाकर और दबाव डालकर इस झूठी कहानी का हिस्सा बनाया गया। इस साजिश के तहत पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई, मेडिकल और बयान की प्रक्रिया पूरी की गई, और आखिरकार अदालत ने उसी आधार पर रवि कुमार नाम के युवक को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।


सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि युवती ने अपने पत्र में पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे 30 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, ताकि वह वही बयान दे जो उससे दिलवाना था। उसने जमालपुर थाना के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है, जिससे उस समय की सच्चाई सामने आ सके।


युवती ने यह भी बताया कि इस फर्जी केस के जरिए उसे 4 लाख रुपये का मुआवजा मिला था, जिसे अब वह वापस करना चाहती है। उसका कहना है कि उसका जमीर अब उसे चैन से जीने नहीं दे रहा, क्योंकि उसकी वजह से एक निर्दोष व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद हो गई।


यह मामला फिलहाल पटना हाईकोर्ट में विचाराधीन है। युवती ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और न्यायपालिका से गुहार लगाई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।


यह घटना सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है—कि झूठी कहानियों और लालच के कारण न सिर्फ एक निर्दोष की जिंदगी तबाह होती है, बल्कि पूरे न्याय तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस बेगुनाह को इंसाफ मिल पाएगा और क्या इस साजिश के असली गुनहगारों तक कानून पहुंच पाएगा।