BHAGALPUR: सच्ची दोस्ती केवल जीवन तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि मृत्यु के बाद भी निभाई जा सकती है। फ्रेंडशिप डे के अवसर पर बिहार के भागलपुर जिले स्थित अजगैबीनाथ धाम से दोस्ती और आस्था की ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से आए कांवड़ियों ने अपने दिवंगत मित्र ‘छोटू’ की तस्वीर के साथ भागलपुर से देवघर तक की कांवड़ यात्रा पूरी की और उसके नाम से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।
गंगा स्नान कराकर लिया संकल्प
सावन के पवित्र महीने में अजगैबीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच हुगली निवासी विनीत कुमार और उनके साथियों का समूह आकर्षण का केंद्र बना रहा। कांवड़ियों ने सबसे पहले अपने दिवंगत मित्र छोटू की तस्वीर को पवित्र गंगा में स्नान कराया, फिर विधिवत पूजा-अर्चना की और उसके नाम से कांवड़ में जल भरकर देवघर के लिए रवाना हुए।
पिछले चार वर्षों से साथ कर रहा था कांवड़ यात्रा
कांवड़ दल के प्रमुख विनीत कुमार ने बताया कि छोटू पिछले चार वर्षों से लगातार उनके साथ अजगैबीनाथ धाम से देवघर तक कांवड़ यात्रा करता था। पिछले वर्ष एक सड़क दुर्घटना में उसकी असमय मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा की योजना बनाते समय सभी दोस्तों ने एकमत से फैसला किया कि वे अपने भाई जैसे दोस्त को पीछे नहीं छोड़ेंगे। इसलिए उसकी तस्वीर को साथ लेकर पूरी कांवड़ यात्रा की गई।
देवघर में छोटू के नाम से हुआ जलाभिषेक
हुगली से आए कांवड़ियों का यह दल बाबा नगरी देवघर पहुंचा और पूरे विधि-विधान के साथ अपने साथ-साथ दिवंगत मित्र छोटू के नाम से भी बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया। कांवड़िए सुब्रत ने भावुक होकर कहा, “छोटू हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी यादें हर पल हमारे साथ हैं। तस्वीर साथ होने से ऐसा लगा कि वह आज भी हमारे बीच मुस्कुरा रहा है और इस आस्था की यात्रा का हिस्सा बना हुआ है।” फ्रेंडशिप डे पर कांवड़ियों की इस अनोखी पहल ने यह संदेश दिया कि सच्ची दोस्ती समय, दूरी और मृत्यु जैसी सीमाओं से भी बड़ी होती है।





