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Bihar News: पुलिस के गिरफ्त में आई फर्जी महिला डॉक्टर, घर से 21 लाख कैश और शराब बरामद

Bihar News: बिहार के बेतिया में एक फर्जी महिला डॉक्टर ने अपने अवैध नर्सिंग होम में गलत इलाज के कारण एक महिला और उसके नवजात बच्चे की जान ले ली. महिला को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था.

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बिहार न्यूज
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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार के बेतिया में एक फर्जी महिला डॉक्टर द्वारा गलत इलाज किए जाने के कारण एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। घटना राज शिव मंदिर के समीप अर्जुन नगर इलाके में स्थित एक अवैध नर्सिंग होम में हुई। आरोपी महिला चिकित्सक ऊषा देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात एएसपी दिव्यांजली कुमारी के नेतृत्व में की गई।


जानकारी के मुताबिक, सिगड़ी बहुअरी गांव निवासी संदीप राम की पत्नी चिंता देवी को प्रसव के लिए ऊषा देवी के कथित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। एजेंटों ने परिवार को यह विश्वास दिलाया कि वहां बेहतर इलाज मिलेगा। प्रसव के दौरान अधिक रक्तश्राव के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नवजात शिशु ने भी shortly after birth दम तोड़ दिया।


घटना के बाद ऊषा देवी और नर्सिंग होम के स्टाफ वहां से फरार हो गए। घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर पुलिस ने अर्जुन नगर स्थित ऊषा देवी के आवास पर छापेमारी की। गिरफ्तारी के समय आरोपी और उसके परिजनों ने पुलिस टीम पर मिर्ची पाउडर फेंका और मारपीट की कोशिश की। इसके बावजूद पुलिस टीम ने सूझ-बूझ और साहस के साथ आरोपी को हिरासत में ले लिया।


पुलिस को आरोपी के घर से ₹21 लाख नगद, चार बोतल विदेशी शराब (रॉयल स्टैक) और पांच बाइक बरामद हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की गई है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांजली कुमारी ने बताया कि ऊषा देवी के खिलाफ पहले से ही तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी महिला वर्षों से बिना वैध डिग्री के एक फर्जी अस्पताल का संचालन कर रही थी। उसके पास किसी प्रकार की चिकित्सा योग्यता नहीं पाई गई है।


पुलिस ने कहा है कि ऊषा देवी के नेटवर्क में शामिल अन्य एजेंटों और स्टाफ की पहचान की जा रही है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है और नर्सिंग होम की वैधता की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर में बिना रजिस्ट्रेशन और योग्यता के अवैध अस्पताल वर्षों से खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।