पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के सरेया बदुराहा गांव में एक 70 वर्षीय वृद्ध महिला की कथित तौर पर उनके ही बेटे ने जमीन के लालच में बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा किए गए कथित खुलासे ने पूरे मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया है।
मृतका की पहचान पार्वती देवी (70 वर्ष) के रूप में हुई है। सोमवार सुबह जब परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें जगाने की कोशिश की तो वह खून से लथपथ हालत में मृत मिलीं। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही चकिया डीएसपी के नेतृत्व में डुमरियाघाट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई ताकि हत्या के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ ही परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान मृतका के छोटे पुत्र धर्मवीर समेत कई लोगों से सवाल-जवाब किए गए। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान धर्मवीर के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों में कई विरोधाभास सामने आए, जिससे उस पर संदेह गहरा गया।
इसके बाद पुलिस ने धर्मवीर से कड़ी पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उसका आरोप था कि बड़ा भाई कमलदेव महतो मां पर जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते उसने कथित रूप से अपनी मां की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने रात के समय उस वक्त वारदात को अंजाम दिया जब उसकी मां गहरी नींद में सो रही थीं। उसने धारदार हथियार गड़ासा से उन पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी की योजना थी कि हत्या का शक उसके बड़े भाई पर जाए, जिससे वह कानूनी विवाद में फंस जाए और बाद में जमीन पर उसका कब्जा हो सके।
घटना के बाद पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के समय और वार की प्रकृति को लेकर और स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस फिलहाल हत्या में प्रयुक्त गड़ासे की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी प्रमाणों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि कोई बेटा जमीन के लालच में अपनी ही मां की इतनी बेरहमी से हत्या कर सकता है। गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पुत्र पुलिस की गिरफ्त में है और उससे आगे भी पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संपत्ति और जमीन के विवाद किस तरह पारिवारिक रिश्तों को खत्म कर रहे हैं। जहां मां को सबसे सुरक्षित स्थान अपने परिवार में माना जाता है, वहीं इस मामले में उसी परिवार के सदस्य पर हत्या का आरोप लगना समाज के लिए बेहद चिंताजनक और दुखद तस्वीर पेश करता है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।





