Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में नेपाल सीमा से सटे बनकटवा प्रखंड में उर्वरक की कालाबाजारी और नकली डीएपी खाद बनाने वाले गिरोह के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. एसएसबी, स्थानीय पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब 2 हजार बोरी खाद जब्त की है. कार्रवाई के दौरान नकली डीएपी तैयार करने वाले एक नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है. इस मामले में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2026 की रात एसएसबी की 71वीं बटालियन, स्थानीय पुलिस और कृषि विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़हरवा, रेगनिया, आठमोहन और बीजबनी गांव में एक साथ छापेमारी की. जांच के दौरान तस्करी के लिए रखी गई करीब 2000 बोरी उर्वरक बरामद हुई, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया.
प्रशासन ने इस मामले में जावेद अंसारी, विश्वनाथ राय, सिकंदर राय, सिखु राय और सुधीर राय के खिलाफ उर्वरक की कालाबाजारी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
छापेमारी के दौरान अगरवा गांव में नकली डीएपी खाद बनाने का भी बड़ा खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि प्रमोद राय और मदन राय नकली डीएपी तैयार करने का काम कर रहे थे. मौके से नकली खाद बनाने से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं. दोनों आरोपियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जा रही है.
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा से लगे इलाकों में उर्वरक की कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य किसानों को समय पर सही गुणवत्ता की खाद उचित कीमत पर उपलब्ध कराना है.
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी बनकटवा, आदापुर, छौड़ादानों और घोड़ासहन प्रखंड के कई खाद दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कालाबाजारी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है.





