Bihar News : पूर्वी चंपारण में गंडक नदी पर बना डुमरिया घाट पुल इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। उत्तर बिहार के लिए बेहद अहम इस पुल से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन पुल की जर्जर हालत वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी और खतरे का कारण बन गई है। पुल की सड़क कई जगह टूट चुकी है, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई स्थानों पर लोहे की छड़ें तक बाहर निकल आई हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले लोगों को हर समय हादसे का डर सताता रहता है।
डुमरिया घाट पुल पूर्वी चंपारण को उत्तर बिहार के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह मार्ग आगे दिल्ली जाने वाले प्रमुख रास्ते से भी जुड़ता है। इस वजह से पुल पर दिनभर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। भारी वाहनों के दबाव के बीच पुल की खराब सड़क और टूटे हिस्से लोगों के लिए परेशानी बढ़ा रहे हैं। खासकर रात के समय गड्ढों और बाहर निकली लोहे की छड़ों के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डुमरिया घाट पुल से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। कई बड़े अधिकारी, मंत्री और विधायक भी इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। इसके बावजूद पुल की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि पुल की नियमित देखरेख और मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर डुमरिया घाट पुल और आसपास के इलाके में साफ-सफाई कराई गई थी। पुल को चमकाने और रास्ते को व्यवस्थित करने की कोशिश तो हुई, लेकिन सड़क पर बने बड़े गड्ढों की मरम्मत नहीं हो सकी। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सिर्फ सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुल की तकनीकी जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत जरूरी है। पुल की जर्जर हालत को लेकर जब उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी से मरम्मत के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा,"बनेगा।"उनके इस जवाब के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि डुमरिया घाट पुल की मरम्मत कब शुरू होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के बड़े हिस्से को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। पुल पर लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए इसकी स्थिति को नजरअंदाज करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुल का तत्काल निरीक्षण कराने, सड़क के टूटे हिस्सों और गड्ढों को दुरुस्त करने तथा बाहर निकली लोहे की छड़ों को हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पुल की स्थिति और खराब हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत के लिए ठोस कार्रवाई कब शुरू होगी।





