Patna: रक्तदान के महत्व और लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से धनरुआ स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स, पटना परिसर में विश्व रक्तदाता दिवस पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज को रक्तदान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया.
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार और पैरामेडिक्स टीम के नेतृत्व में किया गया. इस दौरान रक्तदान से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई.
प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है. एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान दुर्घटना, बड़ी सर्जरी, थैलेसीमिया और एनीमिया जैसे मरीजों के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की.
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सचिंद्र नारायण ने किया. उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक दिन का अभियान नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे समाज की जिम्मेदारी के रूप में अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भविष्य के स्वास्थ्य कर्मी होने के नाते छात्रों की भूमिका लोगों में जागरूकता फैलाने में बेहद अहम है.
इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकगण शैक्षणिक प्रभारी रवि रंजन, डॉ. नितेश रंजन, डॉ. पूनम भारती, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, मुकेश कुमार, सतीश कुमार, प्रशांत, आरती कुमारी और प्रीति कुमारी मौजूद रहे. सभी शिक्षकों ने छात्रों की भागीदारी और प्रयासों की सराहना की.
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने नाटक, पोस्टर प्रस्तुति और भाषण के माध्यम से रक्तदान के महत्व को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया. छात्रों ने बताया कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की किरण बन सकता है.
पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में बीपीटी 2025 की छात्रा खुशी सिंह को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वहीं भाषण प्रतियोगिता में बीपीटी 2024 की छात्रा अंशु कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया.





