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बिहार के दो गांवों में अनोखी परंपरा: दिवाली से एक दिन पहले ही मनाते हैं दीपोत्सव, सदियों से चली आ रही प्रथा

Diwali 2026: बिहार के दरभंगा जिले के नवादा और पधारी गांव में सदियों पुरानी अनोखी परंपरा के तहत दीपावली एक दिन पहले मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी यह परंपरा आज भी ग्रामीणों ने संजोकर रखी है।

Diwali 2026
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Diwali 2026: बिहार के दरभंगा जिले में दीपावली को लेकर एक ऐसी अनोखी परंपरा है, जो पूरे देश से इन दोनों गांवों को अलग पहचान देती है। जब देशभर में लोग कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली मनाते हैं, उससे एक दिन पहले ही दरभंगा के दो गांवों में दीपों का यह त्योहार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।




बेनीपुर प्रखंड का नवादा और बहेड़ी प्रखंड का पधारी गांव। इन दोनों गांवों में वर्षों से नहीं, बल्कि पीढ़ियों से एक दिन पहले दीपावली मनाने की परंपरा चली आ रही है। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, इस परंपरा के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं और लोककथाएं जुड़ी हुई हैं।




कहीं पंडित रत्नाकर झा की मां हयहटृ देवी के प्रति अटूट भक्ति को इस परंपरा की वजह बताया जाता है, तो कहीं दरभंगा राजघराने से जुड़े पुराने इतिहास को इसकी वजह माना जाता है। वहीं पधारी गांव में भी दीपावली एक दिन पहले मनाने के पीछे धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं।





इस खास मौके पर दोनों गांवों में घर-आंगन दीपों से जगमगा उठते हैं। लक्ष्मी पूजा, आतिशबाजी और उल्काफेरी जैसी पारंपरिक धार्मिक रस्में इस उत्सव को और भी खास बना देती हैं।




खास बात यह है कि समय बदला, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन इन दोनों गांवों ने अपनी सदियों पुरानी परंपरा को आज भी संजोकर रखा है। यहां दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण पहचान का प्रतीक बन चुकी है।

रिपोर्ट- गिरिश कुमार, दरभंगा

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