नई दिल्ली: 7 नवंबर 1966 को गौ रक्षा आंदोलन के दौरान शहीद हुए गौ भक्तों और संतों की याद में नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। युवा चेतना के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों के साथ संतों ने हिस्सा लिया। सभा में 1966 की घटना को याद करते हुए गौ रक्षा, सनातन परंपरा और गाय आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही कांग्रेस पार्टी से उस घटना के लिए देश से माफी मांगने की मांग भी उठाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, सांसद नीरज शेखर, विश्व हिंदू परिषद दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष कपिल खन्ना, बिहार विधान परिषद के सदस्य डॉ. संजय मयूख और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान 7 नवंबर 1966 की घटना में जान गंवाने वाले गौ भक्तों और संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
स्वामी करपात्री जी महाराज को बताया सनातन धर्म का सूर्य
सभा को संबोधित करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने 7 नवंबर 1966 की घटना को देश के इतिहास का एक दुखद अध्याय बताया। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दिन की घटना ने जलियांवाला बाग की याद ताजा कर दी थी। उन्होंने कहा कि देश और समाज कांग्रेस पार्टी तथा गांधी परिवार को इस घटना के लिए कभी माफ नहीं करेगा।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने स्वामी करपात्री जी महाराज को याद करते हुए कहा कि वे सनातन धर्म के सूर्य थे। उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य गौ माता की रक्षा करना था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद देश में गौ माता की प्रतिष्ठा बढ़ी है और गौ रक्षा के क्षेत्र में कई प्रयास किए गए हैं।
शाहनवाज हुसैन बोले- गौ रक्षा मेरे जीवन का उद्देश्य
पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने अपने संबोधन में गौ रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि गौ माता का उन्हें बहुत आशीर्वाद मिला है और गौ रक्षा उनके जीवन का उद्देश्य है। शाहनवाज हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। वहीं, सांसद नीरज शेखर ने गौ रक्षा के लिए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से देशभर में गौ रक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया जा रहा है।
गौ आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर
विश्व हिंदू परिषद दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि गौ माता की धार्मिक प्रतिष्ठा के साथ-साथ आर्थिक महत्व को भी समझना जरूरी है। उन्होंने गौ केंद्रित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गाय का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है। बिहार विधान परिषद के सदस्य डॉ. संजय मयूख ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गाय सुरक्षित है। उन्होंने गौ रक्षा के प्रयासों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
रोहित कुमार सिंह ने कांग्रेस से मांगी माफी की मांग
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी से 7 नवंबर 1966 की घटना के लिए देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की विचारधारा सनातन विरोधी रही है। रोहित कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार के समर्थन से देश में गौ माता सुरक्षित हैं। उन्होंने गौ रक्षा के लिए सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ उद्योगपति महावीर प्रसाद जयपुरिया, डॉ. विनोद डोगरा, आचार्य मधुसूदन, रंजीत चौधरी, रोहित चौधरी और आदित्य चौबे समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने 1966 के गौ रक्षा आंदोलन के शहीदों के योगदान को याद करते हुए गौ संरक्षण को सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी बताया।





