DARBHANGA: संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को पिछले पाँच माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में बुधवार को बिहार संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला इकाई दरभंगा के बैनर तले शहर में शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला गया। जिले के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के करीब 150 शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने इस जुलूस में भाग लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया।
मौन जुलूस के माध्यम से शिक्षकों ने लंबित वेतन भुगतान, सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान तथा संस्कृत विद्यालयों की स्थिति में सुधार की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के जिला सचिव समीर झा ने कहा कि संस्कृत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
इस दौरान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. मदन मोहन झा भी शिक्षकों के मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल संस्कृत शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा, “मैं संस्कृत शिक्षकों के साथ सड़क से सदन तक खड़ा हूँ और उनकी जायज मांगों को हर स्तर पर उठाऊंगा।”
मौन जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




