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कोरोना काल में मदद को बढ़ाया था हाथ, अब जनता बटन दबाकर देना चाह रही साथ

GAYA : कोरोना महामारी के दौर में देश के अंदर बड़ी तादाद में लोगों के सामने रोटी की समस्या पैदा हो गई थी. रोज काम धंधा कर कमाने वाले और उससे रोटी का जुगाड़ करने वाले लोगों के घर चूल

कोरोना काल में मदद को बढ़ाया था हाथ, अब जनता बटन दबाकर देना चाह रही साथ
First Bihar
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GAYA : कोरोना महामारी के दौर में देश के अंदर बड़ी तादाद में लोगों के सामने रोटी की समस्या पैदा हो गई थी. रोज काम धंधा कर कमाने वाले और उससे रोटी का जुगाड़ करने वाले लोगों के घर चूल्हा जलना बंद हो गया था. ऐसे वक्त में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने जरूरतमंदों की मदद की कोरोना काल में लोगों के लिए मदद पहुंचाने वाले एक ऐसे ही युवा को अब उनकी पहल का परिणाम मिल रहा है.


गया से ताल्लुक रखने वाले जेडीयू के युवा नेता कुणाल कुमार ने कोरोना काल के बीच जरूरतमंदों तक खूब मदद पहुंचाई थी. राशन से लेकर अन्य सुविधाओं के जरिए लोगों को कुणाल कुमार ने जो मदद पहुंचाई, उसका नतीजा है कि अब जिले में इनकी लोकप्रियता बढ़ रही है. संकट की घड़ी में कुणाल की मदद को लोग भूले नहीं हैं और अब वह कुणाल को अपने जनप्रतिनिधि के तौर पर देखना चाहते हैं.


रमैया कॉलेज से बीबीएम करने वाले कुणाल कुमार एक कारोबारी परिवार से आते हैं. उन्होंने बाढ़ और कोरोना काल के समय में जरूरतमंदों की मदद की है. कोरोना काल में ना केवल फूड पैकेट्स जरूरतमंदों तक पहुंचाएं बल्कि मास्क और सैनिटाइजर भी लोगों के बीच वितरित कराया. कई जगहों पर इन्होंने जरूरतमंदों के लिए राहत शिविर लगवाएं. साल 2002 से ही ग्रामीण इलाके में महिला उत्थान के लिए कई कार्यक्रम चला रहे कुणाल राजनीतिक तौर पर नीतीश कुमार की नीतियों से प्रभावित हैं और इसी वजह से उन्होंने जनता दल यूनाइटेड का दामन थामा था. नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति को आदर्श मानने वाले कुणाल ने फिलहाल चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है लेकिन लगातार जनता की तरफ से उनके ऊपर विधानसभा चुनाव लड़ने का दबाव बनाया जा रहा है.