Pitru Paksha Mela 2026: गयाजी और पुनपुन में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को गयाजी में मेले का उद्घाटन करेंगे। देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल सुविधाओं को भी जोड़ा गया है।
पिंडदानियों की सुविधा के लिए 'पिंडदान गया जी' मोबाइल ऐप और वेबसाइट को डिजिटल सहारा बनाया गया है। इसके माध्यम से पिंडदान की वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों, पंडा, आवासन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। आधिकारिक पोर्टल पर वेदियों, आवास, रेलवे समय-सारणी, पुलिस कैंप, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है।
पिंडदानी मेले में पहुंचने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे। डिजिटल सुविधा में खोया-पाया सेवा भी शामिल है, जिसके माध्यम से लापता व्यक्ति की सूचना दर्ज कराने और संबंधित जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
पर्यटन विभाग की ओर से पिंडदानियों और पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पैकेज में परिवहन, पूजा सामग्री, पिंडदान, भोजन और आवासन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। गयाजी नहीं पहुंच पाने वाले लोगों के लिए ई-पिंडदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मेले के दौरान बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए भी विशेष पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फल्गु नदी के तट पर महाआरती का आयोजन भी प्रस्तावित है।
पुनपुन में भी पिंडदानियों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुनपुन घाट पर करीब 5 हजार लोगों की क्षमता वाला पंडाल बनाया गया है। यहां पिंडदान और पूजा-अनुष्ठान के साथ पेयजल, शौचालय, प्रकाश, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
श्रद्धालुओं की मदद के लिए सूचना केंद्र, हेल्पलाइन और गाइड की व्यवस्था की गई है। यातायात और पार्किंग को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। पर्यटन विभाग की ओर से पुनपुन को शामिल करते हुए पितृपक्ष पैकेज भी उपलब्ध कराया गया है।





