देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच मुकाबले के बीच अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह ठाकुर और प्रदेश महासचिव अंकुर कर्णवाल ने बताया कि पार्टी राज्य की 35 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है और जल्द ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।
इन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी पार्टी
पार्टी नेताओं ने कहा कि इस चुनाव में बेरोजगारी, पलायन, जर्जर सड़कें, पेपर लीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास जैसे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उनका दावा है कि उत्तराखंड की जनता पारंपरिक राजनीति से निराश हो चुकी है और एक मजबूत विकल्प की तलाश में है।
गठबंधन पर क्या कहा?
गठबंधन को लेकर पार्टी ने साफ किया कि फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल के साथ चुनावी समझौते पर विचार नहीं किया गया है। यदि भविष्य में गठबंधन को लेकर कोई फैसला होता है, तो उसका अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
कांग्रेस भी बना रही चुनावी रणनीति
उधर, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने भी भाजपा के खिलाफ अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी युवाओं के रोजगार, पेपर लीक और कथित "चंदा चोरी" जैसे मुद्दों को चुनाव तक प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव राजेंद्र भंडारी ने कहा कि पार्टी की कोर कमेटी की आगामी बैठक में इन मुद्दों को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर चर्चा की जाएगी, ताकि चुनाव तक इन्हें प्रभावी ढंग से जनता के बीच रखा जा सके।
सरकार के रोजगार दावों पर कांग्रेस का हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 30 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां देने का दावा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर अब सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। ऐसे में एलजेपी (रामविलास) की चुनावी एंट्री से राज्य की सियासत में नया समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।





