ब्रेकिंग
Bihar News : पटना रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! दानापुर-पटना के बीच बनेगी तीसरी-चौथी रेल लाइन, 22 नई ट्रेनें चलेंगीBihar News : सोमवार को पटना में सफर करना है? पहले देख लें कौन-कौन सी सड़कें बंद हैं, नहीं तो फंस जाएंगेBihar Weather Today: अगस्त में भी नहीं बरसे बदरा, बिहार में 43% बारिश की कमी; अल नीनो ने बढ़ाई किसानों की चिंताकॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में पहली बार जीते 5 गोल्ड मेडल, बिहार के सीएम सम्राट ने दी बधाई शोभा ओहटकर बनीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग की नई अध्यक्ष, सरकार ने जारी की अधिसूचनाBihar News : पटना रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! दानापुर-पटना के बीच बनेगी तीसरी-चौथी रेल लाइन, 22 नई ट्रेनें चलेंगीBihar News : सोमवार को पटना में सफर करना है? पहले देख लें कौन-कौन सी सड़कें बंद हैं, नहीं तो फंस जाएंगेBihar Weather Today: अगस्त में भी नहीं बरसे बदरा, बिहार में 43% बारिश की कमी; अल नीनो ने बढ़ाई किसानों की चिंताकॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में पहली बार जीते 5 गोल्ड मेडल, बिहार के सीएम सम्राट ने दी बधाई शोभा ओहटकर बनीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग की नई अध्यक्ष, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Bihar News: छुट्टी पर आए CRPF जवान की पटना में मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

छपरा के नैनी गांव निवासी CRPF जवान मंटू सिंह का इलाज के दौरान पटना में निधन हो गया। पांच दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद जिंदगी की जंग हार गए। गांव में मातम का माहौल है और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

Bihar News: छुट्टी पर आए CRPF जवान की पटना में मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार के छपरा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां सीआरपीएफ के जवान मंटू सिंह का इलाज के दौरान निधन हो गया। जवान की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में कोहराम मच गया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, छपरा के नैनी गांव निवासी मंटू सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी Central Reserve Police Force (CRPF) में तैनात थे। वह हाल ही में छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। परिवार के साथ समय बिताने के बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।


मंटू सिंह की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव नैनी पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। जिस बेटे के घर आने की खुशी में परिवार खुश था, उसी के अचानक चले जाने से हर कोई स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव की गलियां मातम में डूबी हुई हैं।


बताया जा रहा है कि मंटू सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी, दो मासूम बच्चे और एक किसान भाई हैं। परिवार की आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का पूरा भार उन्हीं पर था। पांच दिन पहले ही वे छुट्टी लेकर घर आए थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी अंतिम विदाई बन जाएगी। आज वह तिरंगे में लिपटकर अपने गांव लौटे, जहां उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।


ग्रामीणों के अनुसार, मंटू सिंह बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव के युवाओं के बीच उनकी खास पहचान थी। छुट्टियों के दौरान वे युवाओं को खेलकूद के लिए प्रेरित करते थे और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनके जाने से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा गांव गहरे सदमे में है।


जानकारी के मुताबिक, मंटू सिंह की तैनाती बीजापुर (छत्तीसगढ़) में थी, जो नक्सल प्रभावित इलाकों में आता है। ड्यूटी के दौरान उन्हें बुखार की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। छुट्टी लेकर घर आने के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।


अंतिम संस्कार के दौरान गांव के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल बेहद भावुक था। लोगों ने नम आंखों से अपने इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने एक स्वर में कहा कि देश ने एक बहादुर जवान खो दिया है, जबकि परिवार ने अपना सबसे बड़ा सहारा।


यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान किस तरह हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। मंटू सिंह का बलिदान और उनकी सेवा हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।