Bihar News : बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दानापुर-फतुहा रेलखंड को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रेलवे ने इस सेक्शन पर 29 किलोमीटर लंबी मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 976 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दानापुर और पटना के बीच रेल यातायात का दबाव काफी कम होगा और ट्रेनों का संचालन पहले से अधिक सुगम हो सकेगा।
इस परियोजना के तहत दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। वहीं राजेंद्र नगर से पटना साहिब तक तीसरी लाइन तथा पटना साहिब से फतुहा तक तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा। इससे मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों की भीड़ कम होगी और भविष्य की बढ़ती रेल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुलेगा
रेलवे के अनुसार, परियोजना के शुरुआती चरण से ही इस रेलखंड पर प्रतिदिन 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां चलाने की क्षमता विकसित हो जाएगी। इससे यात्रियों को अधिक ट्रेनों का विकल्प मिलेगा, जबकि माल परिवहन भी पहले की तुलना में तेज और सुचारु हो सकेगा।
रेलवे का अनुमान है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद हर वर्ष करीब 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। इससे बिहार के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
चौसा ताप विद्युत परियोजना को भी मिलेगा फायदा
यह रेल परियोजना केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगी। बक्सर जिले के चौसा में प्रस्तावित 2,120 मेगावाट ताप विद्युत संयंत्र के लिए भी यह रेल लाइन बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिजली परियोजना में उपयोग होने वाले कोयले और अन्य भारी सामग्री की ढुलाई मुख्य रूप से रेल के जरिए होगी। नई लाइनों के निर्माण से मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक आसान और तेज हो जाएगी।
ट्रेनों की लेटलतीफी होगी कम
दानापुर से फतुहा तक का रेलखंड पूर्व मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त सेक्शनों में गिना जाता है। वर्तमान में एक ही ट्रैक पर बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां संचालित होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग या ओवरटेक के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार छोटी तकनीकी बाधा भी पूरे रूट की रेल सेवाओं को प्रभावित कर देती है।
नई रेल लाइनों के निर्माण के बाद ट्रेनों को अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे परिचालन अधिक व्यवस्थित होगा। इससे लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार आने की संभावना है।
पटना के प्रमुख स्टेशनों पर घटेगा दबाव
इस परियोजना का लाभ पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल और पटना साहिब जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों को भी मिलेगा। ट्रैफिक का दबाव कम होने से प्लेटफॉर्म संचालन बेहतर होगा और यात्रियों को अधिक भरोसेमंद तथा सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी। साथ ही मालगाड़ियों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों के संचालन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना केवल नई रेल लाइन बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में बिहार की बढ़ती रेल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पूरे पटना रेल कॉरिडोर को अधिक आधुनिक, सक्षम और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।





