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Bihar Weather Today: अगस्त में भी नहीं बरसे बदरा, बिहार में 43% बारिश की कमी; अल नीनो ने बढ़ाई किसानों की चिंता

बिहार में 1 अगस्त तक 43% बारिश की कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त में भी सामान्य से कम बारिश के आसार हैं। जानिए अल नीनो का असर, IMD का ताजा पूर्वानुमान और किन जिलों में होगी बारिश।

Bihar weather update
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Tejpratap
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Bihar weather : बिहार में मानसून इस साल उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। जून और जुलाई के बाद अब अगस्त की शुरुआत भी कमजोर बारिश के साथ हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राज्य में अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण इस बार मानसून सामान्य से कमजोर बना हुआ है। इसके चलते न सिर्फ बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है, बल्कि आने वाले हफ्तों में भी सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई है।


राज्य में 1 जून से 1 अगस्त तक सामान्य तौर पर 512.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 294.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। यानी बिहार में अब तक करीब 43 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसका सीधा असर खेती, जल स्रोतों और लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है।


अगस्त में भी कम बारिश के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के पहले सप्ताह में उत्तर बिहार के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे राज्य में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना फिलहाल कम है। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के अधिकांश इलाकों में बादलों की आवाजाही तो रहेगी, लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।


पूर्वानुमान के मुताबिक अगस्त में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ऊपर रह सकते हैं। ऐसे में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।


आधा मानसून बीता, लेकिन बारिश नहीं

बिहार में मानसून आमतौर पर जून के मध्य में प्रवेश करता है और सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है। इस बार मानसून समय से पहले पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद पूरे राज्य में बारिश का वितरण बेहद असमान रहा। जून और जुलाई के दौरान कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ही भारी वर्षा दर्ज की गई।


कम बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान सहित खरीफ फसलों की खेती प्रभावित हो रही है और कई इलाकों में सिंचाई पर निर्भरता बढ़ गई है।


इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

शनिवार को राज्य के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा किशनगंज के तैयबपुर में 74.4 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पूर्णिया के धमदाहा में 43 मिमी, किशनगंज के गलगलिया में 35.6 मिमी, मुजफ्फरपुर के गायघाट में 34.2 मिमी और दरभंगा के बेनीबाद में 24 मिमी बारिश हुई।


अररिया, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सारण, सीवान, बक्सर और मधेपुरा सहित कुछ अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। हालांकि राज्य के बड़े हिस्से में बारिश का सिलसिला कमजोर ही बना रहा।


अल नीनो बढ़ा सकता है मुश्किलें

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति आगे चलकर और मजबूत हो सकती है। इसका असर बिहार समेत पूरे पूर्वी भारत के मानसून पर देखने को मिल सकता है।


सितंबर के अंत तक मानसून ट्रफ नेपाल की तराई की ओर खिसकने की संभावना है। ऐसे में उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में देर से बारिश बढ़ सकती है। हालांकि यदि बारिश देर से होती है तो रबी फसलों की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि खेतों में अधिक नमी रहने से समय पर बुआई करना मुश्किल हो सकता है।


किसानों और आम लोगों की बढ़ी चिंता

लगातार कमजोर मानसून ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की रोपनी प्रभावित हुई है, वहीं जलाशयों और तालाबों का जलस्तर भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। दूसरी ओर, आम लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।


फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे राज्य में जोरदार मानसूनी गतिविधियों के लि।ए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।