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पंचायत चुनाव : कैंडिडेट के दोस्तों और रिश्तेदारों पर भी होगी आयोग की नज़र, खर्च पर नज़र रखेंगे ऑब्जर्वर

PATNA : बिहार में पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा कई गाइडलाइन्स जारी की जा रही हैं. ऐसे तो आमतौर पर प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने की कोई मुकम्मल व्यवस्था

पंचायत चुनाव : कैंडिडेट के दोस्तों और रिश्तेदारों पर भी होगी आयोग की नज़र, खर्च पर नज़र रखेंगे ऑब्जर्वर
First Bihar
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PATNA : बिहार में पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा कई गाइडलाइन्स जारी की जा रही हैं. ऐसे तो आमतौर पर प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं रही है, लेकिन इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने ऑब्जर्वरों को यह टास्क सौंप दिया है. मिली जानकारी के अनुसार, इस बार पंचायत चुनाव में तैनात किए जाने वाले ऑब्जर्वर प्रत्याशियों के मित्रों एवं संबंधियों के साथ उनके समर्थकों द्वारा किए जा रहे खर्च पर भी पैनी नजर रखेंगे. ऑब्जर्वरों को अगर लगता है कि किसी प्रत्याशी के दोस्त-मित्र या रिश्तेदार चुनाव में पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं तो वे इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी.


बता दें कि चुनाव के मद्देनजर तैनात किए जाने वाले ऑब्जर्वरों का टास्क आयोग ने निर्धारित कर दिया है. इसके तहत ऑब्जर्वर मतदान दल के कर्मियों की ट्रेनिंग, बैलेट बॉक्स, ईवीएम एवं मतदान सामाग्री की व्यवस्था पर नजर रखेंगे. साथ ही मतदान केन्द्रों पर की गई व्यवस्था, सशस्त्र बल एवं मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति, मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार रोके जाने पर नजर रखेंगे. अवैध शराब की बिक्री और अन्य संबंधित मामलों की भी समीक्षा कर सकेंगे. 


इसके अलावा ऑब्जर्वर मतदान कर्मियों से सवाल पूछकर उन्हें मतदान संचालन संबंधी नियमों की जानकारी होने का भी पता कर सकेंगे. ऑब्जर्वर अपने निर्धारित निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम दो बार निश्चित रूप से भ्रमण करेंगे. ऑब्जर्वर वोटिंग के दिन अपने दौरे के कार्यक्रम को गुप्त रखेंगे तथा इसकी पूरी जानकारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी व निर्वाची पदाधिकारी को भी देने की जरूरत नहीं होगी.


वे अधिकतम मतदान केन्द्रों का भ्रमण करेंगे. इसके अलावा पीठासीन पदाधिकारी एवं वोटरों से बातचीत कर यह पता लगाएंगे कि मतदान सही ढंग से चल रहा है या नहीं. मतदान केन्द्र पर कब्जा किए जाने अथवा अन्य गंभीर अनियमितता सामने आने पर ऑब्जर्वर अविलंब इसकी सूचना निर्वाची पदाधिकारी, जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) और राज्य निर्वाचन आयोग को देंगे.

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