1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 06, 2026, 12:54:30 PM
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Bihar Crime News: बिहार के बक्सर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बच्चों के मामूली विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि एक महिला की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बक्सर के कोरानसराय थाना क्षेत्र स्थित कनझरुआ गांव में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।
मृतका की पहचान 44 वर्षीय सुनीता देवी के रूप में हुई है, जो गांव निवासी वीर बहादुर कानू की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम सुनीता देवी अपनी बेटी और मां के साथ गांव के स्कूल की ओर जा रही थीं, तभी पहले से घात लगाए बैठी पड़ोसी महिला कंचन देवी ने अपनी दो बेटियों के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया।
देखते ही देखते मामूली कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और कंचन देवी व उसकी बेटियों ने मिलकर सुनीता देवी की लात-घूंसे से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी, इस दौरान सुनीता की मां और बेटी ने उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन हमलावरों के सामने वे बेबस हो गईं, कुछ ही देर में गंभीर रूप से घायल सुनीता जमीन पर गिर पड़ीं और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, वहीं परिजनों में कोहराम मच गया, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला कंचन देवी और उसकी बड़ी बेटी अनीता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग बेटी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
मामले को लेकर पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान पर चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है और आगे की कार्रवाई की जा रही है, अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
इस हत्याकांड की जड़ में बच्चों के बीच हुआ एक छोटा सा विवाद बताया जा रहा है, जानकारी के अनुसार मृतका का 12 वर्षीय बेटा आकाश कुमार और आरोपी महिला की बेटी अंशिका ट्यूशन पढ़ने जाते थे, इसी दौरान 1 अप्रैल को दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, अगले दिन कंचन देवी इस बात की शिकायत लेकर सुनीता देवी के घर पहुंची, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ता चला गया और आखिरकार यह विवाद खून-खराबे में बदल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार की शाम अंधेरा होते ही कंचन देवी और उसकी बेटियों को मौका मिल गया और उन्होंने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया, पहले कहासुनी हुई और फिर अचानक मारपीट शुरू हो गई, जिसमें सुनीता देवी की जान चली गई।
इस घटना ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं, बताया जा रहा है कि सुनीता देवी के घर में बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार में खुशी का माहौल था, उनका बड़ा बेटा बिट्टू कुमार हाल ही में शादी करने वाला था, लेकिन इस हादसे ने पूरे घर को मातम में बदल दिया।
मृतका के पति वीर बहादुर कानू, जो चंडीगढ़ में रहकर राजमिस्त्री का काम करते हैं, जैसे ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत गांव के लिए रवाना हो गए, गांव के लोगों का कहना है कि परिवार दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा था और अब इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।