ब्रेकिंग
बिहार में खत्म नहीं होगी शराबबंदी, NCAER को लीगल नोटिस भेजने की तैयारीबिहार में NEET UG और Re-NEET परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा, दो मुख्य सरगना गिरफ्तारBihar Weather: पटना में बदला मौसम का मिजाज, तेज आंधी बारिश से लोगों को मिली राहतअतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, पथराव में दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त; कई जवान घायलपटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, 4,000 करोड़ निवेश और 8,000 करोड़ राजस्व की संभावनाबिहार में खत्म नहीं होगी शराबबंदी, NCAER को लीगल नोटिस भेजने की तैयारीबिहार में NEET UG और Re-NEET परीक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा, दो मुख्य सरगना गिरफ्तारBihar Weather: पटना में बदला मौसम का मिजाज, तेज आंधी बारिश से लोगों को मिली राहतअतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, पथराव में दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त; कई जवान घायलपटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, 4,000 करोड़ निवेश और 8,000 करोड़ राजस्व की संभावना

PM केयर्स के पैसे से बना पटना का कोविड अस्पताल बंद, 500 बेड के हॉस्पिटल में मरीज ही नहीं पहुंचे

PATNA: कोरोना पीडित मरीजों के इलाज के लिए पटना के बिहटा में बना खास अस्पताल बंद होने जा रहा है. पीएम केयर्स के पैसे से 500 बेड का ये आधुनिक अस्पताल बनाया गया था. अब कहा ये जा

PM केयर्स के पैसे से बना पटना का कोविड अस्पताल बंद, 500 बेड के हॉस्पिटल में मरीज ही नहीं पहुंचे
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: कोरोना पीडित मरीजों के इलाज के लिए पटना के बिहटा में बना खास अस्पताल बंद होने जा रहा है. पीएम केयर्स के पैसे से 500 बेड का ये आधुनिक अस्पताल बनाया गया था. अब कहा ये जा रहा है कि अस्पताल में मरीज ही नहीं पहुंच रहे. लिहाजा इसे बंद करने का फैसला ले लिया गया है.

चार महीने पहले बिहार में कोरोना के मामलों में भारी उछाल आने के बाद रक्षा मंत्रालय के डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने बिहार के दो जिलों में कोविड अस्पताल बनाया था. एक पटना के बिहटा में खुला था को दूसरा मुजफ्फरपुर में. लेकिन बिहटा में बने अस्पताल में मरीज ही नहीं पहुंचे. फिलहाल इस अस्पताल में 10 मरीज भर्ती हैं. अस्पताल संचालकों ने उन मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करके कोविड अस्पताल को बंद करने का फैसला लिया है. रक्षा मंत्रालय ने ये निर्देश दे दिया है.

अस्पताल संचालकों के मुताबिक यहां 500 बेड थे. इनमें से वेंटिलेटर के साथ आईसीयू के 125 बेड रखे गये थे, वहीं 375 जेनरल वार्ड के बेड थे. इस पूरी व्यवस्था के रखरखाव में भारी भरकम खर्च आ रहा है. बेड के हिसाब से ही डॉक्टर, नर्स से लेकर दूसरे संसाधन रखे गये थे. लेकिन अस्पताल बनने के बाद से ही यहां बेहद कम मरीज आये. उन मरीजों को पटना के दूसरे सरकारी अस्पतालों में इलाज किया जा सकता है. लिहाजा इसे बंद करने का फैसला लिया गया है. 

हम आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने सबसे पहले दिल्ली में कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल मेकशिफ्ट यानि अस्थायी अस्पताल बनाया था. 1000 बेड के इस अस्पताल से दिल्ली के मरीजों को काफी फायदा हुआ था. इसी बीच जब बिहार में कोरोना के मरीज बढ़े तो दिल्ली की तर्ज पर ही 500-500 बेड के दो अस्पताल बनाने का फैसला लिया गया था.

टैग्स