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BIHAR NEWS : अब मेयर नहीं, पार्षद तय करेंगे सशक्त स्थायी समिति! नामांकन, वोटिंग, रिजल्ट एक ही दिन; बिहार में बदली चुनाव की पूरी व्यवस्था

बिहार में 264 शहरी निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 15 से 20 अप्रैल के बीच मतदान होगा और एक ही दिन में नामांकन से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

BIHAR NEWS : अब मेयर नहीं, पार्षद तय करेंगे सशक्त स्थायी समिति! नामांकन, वोटिंग, रिजल्ट एक ही दिन; बिहार में बदली चुनाव की पूरी व्यवस्था
Tejpratap
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BIHAR NEWS : बिहार में शहरी प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य के 19 नगर निगम सहित कुल 264 शहरी निकायों में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सभी निकायों में 15 से 20 अप्रैल के बीच चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। खास बात यह है कि नामांकन, मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी कर ली जाएगी।


विभाग के निर्देश के अनुसार, चुनाव संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) की निगरानी में कराए जाएंगे। प्रत्येक निकाय में वार्ड पार्षदों के माध्यम से सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चयन किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से गुप्त मतदान के आधार पर होगी, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।


निर्वाचन प्रक्रिया के तहत वार्ड पार्षद रिक्तियों के अनुसार क्रमांकित मतपेटियों में अपने मत डालेंगे। हर रिक्ति के लिए अलग-अलग मतपेटिका रखी जाएगी, जिन पर क्रम संख्या अंकित होगी। जिलाधिकारी प्रत्येक रिक्ति के लिए एक सहायक निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त करेंगे, साथ ही चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए अन्य कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।


चुनाव से पहले डीएम द्वारा सभी वार्ड पार्षदों को कम से कम एक सप्ताह पूर्व तिथि, समय और स्थान की सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या अनियमितता की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेजों को अगले चुनाव तक सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया गया है।


मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद पार्षदों की उपस्थिति में ही मतपेटियों को खोला जाएगा और रिक्तिवार मतगणना की जाएगी। परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी, जिससे समिति का गठन उसी दिन पूरा हो सके।


गौरतलब है कि पहले नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चयन मेयर या चेयरमैन द्वारा किया जाता था। इस प्रक्रिया को लेकर अक्सर पक्षपात और मनमानी के आरोप लगते थे। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने पिछले वर्ष नगर पालिका कानून में संशोधन किया था। नए प्रावधान के तहत अब समिति के सदस्यों का चयन पार्षदों के बहुमत के आधार पर गुप्त मतदान से किया जाएगा।


नई व्यवस्था के अनुसार, कोई भी वार्ड पार्षद केवल एक ही रिक्ति के लिए नामांकन कर सकता है। यदि कोई पार्षद एक से अधिक रिक्तियों के लिए नामांकन करता है, तो केवल न्यूनतम क्रमांक वाली मतपेटिका में किया गया नामांकन ही वैध माना जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक पार्षद सभी रिक्तियों के लिए अलग-अलग एक-एक मत डाल सकेगा।


नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस नई व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय निकायों को अधिक सशक्त बनाना है, ताकि शहरी विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।


इस पहल को स्थानीय स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्षदों के जरिए गुप्त मतदान से चयन होने पर न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।