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Bihar Teacher Salary : बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए सरकार की नई तैयारी, फंड की कमी से नहीं रुकेगी सैलरी

बिहार सरकार ने करीब 6 लाख शिक्षकों को समय पर वेतन देने के लिए नई फंड व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने 642 करोड़ रुपये जारी किए हैं। साथ ही प्रशिक्षित वेतनमान को लेकर भी नया निर्देश जारी हुआ है।

 Bihar Teacher Salary : बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए सरकार की नई तैयारी, फंड की कमी से नहीं रुकेगी सैलरी
Tejpratap
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Bihar Teacher Salary : बिहार सरकार अब राज्य के करीब छह लाख स्कूली शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नई कार्य योजना तैयार कर रही है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए वित्त एवं लेखा शाखा के अधिकारियों को विशेष रणनीति बनाने का निर्देश दिया है, ताकि केंद्र सरकार की हिस्सेदारी मिलने में देरी होने पर भी शिक्षकों की सैलरी प्रभावित न हो।


जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य यह है कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में केंद्रांश की राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार वेतन भुगतान में कुछ दिनों की देरी हो जाती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब अलग से फंड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है।


फिलहाल 642 करोड़ रुपये जारी

शिक्षा विभाग ने अभी शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए 642 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि का उपयोग विभिन्न जिलों में कार्यरत शिक्षकों के लंबित और नियमित वेतन भुगतान के लिए किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सरकार चाहती है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और समयबद्ध हो। इसके लिए विभागीय स्तर पर वित्तीय मॉनिटरिंग भी मजबूत की जा रही है, ताकि फंड की उपलब्धता और भुगतान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सके।


समग्र शिक्षा अभियान के तहत पहले भी जारी हुई थी बड़ी राशि

इससे पहले राज्य सरकार समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए 1050 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इस राशि से अप्रैल और मई महीने का वेतन भुगतान किया जा रहा है। इस फंड का लाभ पंचायतीराज संस्थाओं और नगर निकायों के अधीन कार्यरत शिक्षकों को मिला है। इसके अलावा उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में जिला संवर्ग के स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान पर कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को भी इस राशि से भुगतान किया गया है। ये सभी शिक्षक समग्र शिक्षा अभियान से आच्छादित हैं।


प्रशिक्षित वेतनमान को लेकर नया निर्देश

इधर शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों के प्रशिक्षित वेतनमान को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2015-17 और 2017-18 में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नियोजित शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान तभी मिलेगा, जब वे शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षकों को विरमन तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ केवल टीईटी उत्तीर्ण होने की स्थिति में ही दिया जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ निर्देश

शिक्षा विभाग का यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के 16 जनवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है। “राज्य सरकार एवं अन्य बनाम मनोज कुमार एवं अन्य” मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों को नया आदेश लागू करने को कहा है।


सरकार के इस कदम को शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित वेतनमान के लिए पात्रता शर्तों को भी स्पष्ट कर दिया गया है। इससे आने वाले समय में वेतन भुगतान और सेवा शर्तों से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।