ब्रेकिंग
मिड डे मील में छिपकली की पूंछ मिलने का मामला: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए जांच के आदेश, MDM निदेशक से भी मांगा जवाबदेशभर में बारिश का कहर: जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और लैंडस्लाइड से 11 लोगों की मौत, नगालैंड में भी 8 की गई जानहोटल में चल रहा था गांजा तस्करी का खेल: पुलिस की छापेमारी में नशे की बड़ी खेप बरामद; दो तस्कर गिरफ्तारअवैध संबंध में उजड़ गया परिवार, पिता की हत्या के मामले में मां पहुंची जेल; चार बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़खगड़िया के आयुर्वेदिक चिकित्सक 4 दिनों से लापता: अपहरण की आशंका से परिजनों की बढ़ी बेचैनी, जांच में जुटी पुलिसमिड डे मील में छिपकली की पूंछ मिलने का मामला: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए जांच के आदेश, MDM निदेशक से भी मांगा जवाबदेशभर में बारिश का कहर: जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और लैंडस्लाइड से 11 लोगों की मौत, नगालैंड में भी 8 की गई जानहोटल में चल रहा था गांजा तस्करी का खेल: पुलिस की छापेमारी में नशे की बड़ी खेप बरामद; दो तस्कर गिरफ्तारअवैध संबंध में उजड़ गया परिवार, पिता की हत्या के मामले में मां पहुंची जेल; चार बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़खगड़िया के आयुर्वेदिक चिकित्सक 4 दिनों से लापता: अपहरण की आशंका से परिजनों की बढ़ी बेचैनी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार में पानी से घिरा सरकारी स्कूल, ठप हुई पढ़ाई, दूसरे स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

Bihar Flood News: पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय चारों ओर से जलजमाव से घिर गया है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आखिर कैसे ऐसी जगह पर स्कूल का निर्माण...

बिहार में पानी से घिरा सरकारी स्कूल, ठप हुई पढ़ाई, दूसरे स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Flood News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और हर बच्चे तक पढ़ाई पहुंचाने के दावे लगातार किए जाते हैं. नए स्कूल भवन बन रहे हैं और शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च होने की बातें भी सामने आती हैं. लेकिन पूर्वी चंपारण के रक्सौल से आई एक तस्वीर इन दावों की जमीनी सच्चाई दिखा रही है. यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है. स्कूल तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो गई है.


मामला रक्सौल प्रखंड की परसौना तपसी पंचायत के वार्ड नंबर-9 स्थित नारवा टोला के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय का है. स्कूल परिसर और उसके आसपास कई दिनों से पानी जमा है. स्कूल आने-जाने का रास्ता भी जलमग्न है. छोटे बच्चों के लिए इस रास्ते से स्कूल पहुंचना आसान नहीं है. इसी वजह से विद्यालय में सामान्य तरीके से पढ़ाई नहीं हो पा रही है.


सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस जगह पर हर साल पानी भरने की समस्या रहती है और जहां लोग घर बनाने से भी बचते हैं, वहां स्कूल के लिए जमीन कैसे चुनी गई. इतना ही नहीं, इसी जगह पर स्कूल का नया भवन भी बनाया जा रहा है. इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.


विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बंद नहीं की गई है. जलजमाव खत्म होने तक सभी छात्रों की कक्षाएं पास के दूसरे विद्यालय में संचालित की जा रही हैं, ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो. बच्चों को वहां भेजने की व्यवस्था भी की गई है.


रक्सौल समेत पूर्वी चंपारण के कई इलाकों में बारिश के बाद जलजमाव की समस्या हर साल सामने आती है. ऐसे में स्कूल जैसी जरूरी सरकारी इमारतों के लिए जगह का चयन कितना सोच-समझकर किया गया, इसे लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. स्कूल के चारों तरफ फैला पानी अब सिर्फ आने-जाने की परेशानी नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीनी तैयारी की भी तस्वीर दिखा रहा है.




पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट