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Bihar Police : तीन दशक की सेवा का बड़ा सम्मान! बिहार के DIG राकेश कुमार सिन्हा को गृह मंत्रालय का सराहनीय सेवा पदक

बिहार पुलिस के DIG राकेश कुमार सिन्हा को गृह मंत्रालय ने सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है। जानिए उनके करीब तीन दशक के पुलिस करियर और उपलब्धियों के बारे में।

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Tejpratap
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Bihar Police : बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा को उनकी उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। करीब तीन दशक के लंबे पुलिस करियर में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसिंग और गंभीर मामलों की जांच में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान दिया गया है। पुलिस विभाग में इसे उनकी मेहनत, ईमानदारी, जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

1999 में डीएसपी के रूप में शुरू किया था करियर

राकेश कुमार सिन्हा ने वर्ष 1999 में डीएसपी के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की थी। वर्ष 2001 में उन्होंने झारखंड के दुमका से अपनी सेवा की शुरुआत की। बाद में बिहार कैडर मिलने के बाद उन्होंने राज्य के कई महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिलों में जिम्मेदारी संभाली। जहानाबाद, शेखपुरा, रोहतास, समस्तीपुर, जमुई, नालंदा, सुपौल और खगड़िया जैसे जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में काम किया।

उनकी सेवा का दायरा केवल जिला पुलिस तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एसटीएफ, बीपीए, एटीएस और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, संवेदनशील मामलों की जांच और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2012 बैच के आईपीएस बने

पुलिस सेवा में उनके बेहतर प्रदर्शन और अनुभव को देखते हुए राकेश कुमार सिन्हा को बाद में 2012 बैच का आईपीएस अधिकारी बनाया गया। आईपीएस अधिकारी बनने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्होंने मद्य निषेध, विशेष शाखा, लोकायुक्त कार्यालय और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में एसपी और एसएसपी के पद पर काम किया। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी के साथ-साथ विभागीय कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में योगदान दिया।

इसके बाद उन्हें डीआईजी के पद पर पदोन्नति मिली। वर्तमान में वह निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में डीआईजी के रूप में कार्यरत हैं। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में उनकी भूमिका भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

चुनावी ड्यूटी में भी निभाई अहम भूमिका

राकेश कुमार सिन्हा ने नियमित पुलिस जिम्मेदारियों के अलावा चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई हैं। उन्होंने पंजाब और गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में काम किया। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और निष्पक्ष वातावरण बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने इन जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

उनकी बेहतर सेवा और उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए अब तक उन्हें 32 प्रशस्ति-पत्र मिल चुके हैं। इनमें बिहार के पुलिस महानिदेशक की ओर से दिए गए छह प्रशस्ति-पत्र भी शामिल हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन और विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में योगदान उनके लंबे पुलिस करियर की खास पहचान रही है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी किया काम

पुलिस सेवा के दौरान राकेश कुमार सिन्हा ने ऐसे क्षेत्रों में भी जिम्मेदारी संभाली, जहां कानून-व्यवस्था और नक्सल गतिविधियां बड़ी चुनौती रही हैं। जहानाबाद, जमुई और रोहतास जैसे क्षेत्रों में पुलिसिंग के दौरान उन्हें कई कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिला। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना उनकी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

मेहनत और ईमानदारी का मिला सम्मान

सराहनीय सेवा पदक को राकेश कुमार सिन्हा के करीब तीन दशक लंबे पुलिस करियर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दुमका से डीएसपी के रूप में शुरू हुई उनकी यात्रा बिहार के कई जिलों से होते हुए एसटीएफ, एटीएस, विशेष शाखा, मद्य निषेध, लोकायुक्त कार्यालय और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो तक पहुंची।

अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जांच और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। गृह मंत्रालय की ओर से मिला सराहनीय सेवा पदक उनके लंबे अनुभव, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट पुलिस सेवा की पहचान है। पुलिस विभाग में इस सम्मान को उनके अब तक के कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।