Bihar Police : बिहार पुलिस की डिजिटल व्यवस्था इन दिनों गंभीर तकनीकी संकट से गुजर रही है। राज्यभर में पुलिस का क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) पिछले चार दिनों से बंद पड़ा है। सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने, केस अपडेट करने और अन्य डिजिटल सेवाओं पर पूरी तरह असर पड़ा है। इसका सीधा प्रभाव आम लोगों के साथ-साथ पुलिस, न्यायालय, जेल प्रशासन और अभियोजन विभाग के कामकाज पर भी दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, तकनीकी समस्या की मुख्य वजह सर्वर की हार्ड डिस्क क्रैश होना बताई जा रही है। इस कारण राज्य के सभी थानों का जिला और पुलिस मुख्यालय से ऑनलाइन संपर्क बाधित हो गया है। फिलहाल बिहार पुलिस की तकनीकी टीम सिस्टम को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटी हुई है।
ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह प्रभावित
CCTNS सिस्टम बंद होने से राज्य पुलिस की लगभग सभी ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। नागरिकों के लिए उपलब्ध सिटीजन सर्विसेज पोर्टल भी काम नहीं कर रहा है। इसके चलते ऑनलाइन एफआईआर की स्थिति देखना, शिकायतों की जानकारी प्राप्त करना और अन्य डिजिटल सुविधाओं का लाभ लेना फिलहाल संभव नहीं है।
वहीं, थाना स्तर पर दर्ज होने वाले नए मामलों की ऑनलाइन एंट्री, केस डायरी अपलोड करने और अपराध से जुड़े रिकॉर्ड अपडेट करने का काम भी रुक गया है। पुलिस मुख्यालय से थानों की निगरानी के लिए हाल ही में शुरू किया गया PSM ऐप भी तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित बताया जा रहा है।
न्यायिक प्रक्रिया पर भी पड़ा असर
CCTNS केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है। यह नेटवर्क न्यायालय, जेल, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं और अभियोजन विभाग को भी आपस में जोड़ता है। सिस्टम ठप होने के कारण इन सभी एजेंसियों के बीच डिजिटल डेटा का आदान-प्रदान प्रभावित हो गया है।
ऑनलाइन दस्तावेज और केस से संबंधित रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं होने से कई न्यायिक प्रक्रियाओं में भी देरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम बहाल होने के बाद लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
मुंबई से बुलाए गए विशेषज्ञ इंजीनियर
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञ इंजीनियरों को मुंबई से बुलाया गया है। सर्वर की खराबी दूर करने और डेटा को सुरक्षित तरीके से रिस्टोर करने का काम तेजी से चल रहा है।
एससीआरबी एवं मॉर्डनाइजेशन के एडीजी अजिताभ कुमार ने बताया कि हार्ड डिस्क में आई खराबी के कारण CCTNS और उससे जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है और जल्द ही सभी सेवाओं को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीमा सुरक्षा से जुड़े निर्देशों के पालन में भी चुनौती
तकनीकी बाधा के कारण पुलिस को प्रशासनिक स्तर पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा पर गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी थाना प्रभारियों को चेकपोस्टों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और आर्थिक अपराधों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, CCTNS सिस्टम बंद होने से विभिन्न थानों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और डिजिटल मॉनिटरिंग में कठिनाई आ रही है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद निगरानी व्यवस्था फिर से पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।





