ब्रेकिंग
बिहार में समाज कल्याण विभाग का बड़ा फेरबदल, 151 सीडीपीओ का तबादलायमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस, 4 की मौत 27 घायल, कंडक्टर चला रहा था बसदिल्ली में 21.4 करोड़ का 15 KG सोना जब्त, थाईलैंड से आए पार्सल के साथ 4 गिरफ्तारपटना में ट्रैफिक को लेकर जरूरी अलर्ट: सड़क मरम्मत के कारण रात में बड़ा बदलाव, इन सड़कों पर यातायात रहेगा बंदसासाराम में फर्जी डिग्री वाले 13 शिक्षक बर्खास्त, वेतन वसूली का भी आदेशबिहार में समाज कल्याण विभाग का बड़ा फेरबदल, 151 सीडीपीओ का तबादलायमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस, 4 की मौत 27 घायल, कंडक्टर चला रहा था बसदिल्ली में 21.4 करोड़ का 15 KG सोना जब्त, थाईलैंड से आए पार्सल के साथ 4 गिरफ्तारपटना में ट्रैफिक को लेकर जरूरी अलर्ट: सड़क मरम्मत के कारण रात में बड़ा बदलाव, इन सड़कों पर यातायात रहेगा बंदसासाराम में फर्जी डिग्री वाले 13 शिक्षक बर्खास्त, वेतन वसूली का भी आदेश

Bihar News: जैसलमेर में शहीद हुए बिहार के जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

Bihar News: वैशाली के पंकज कुमार रजक की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान टैंक में पानी भरने से जान चली गई। भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई। गांव में शोक की लहर।

Bihar News
शहीद जवान को अंतिम विदाई
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar News: वैशाली के जवान पंकज कुमार रजक की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान मौत हो गई थी। आज उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान गांव वालों के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे और शहीद जवान को आखिरी बार देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।


वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड के सराय थाना क्षेत्र के पौड़ा मदन सिंह गांव निवासी पंकज कुमार रजक (40) की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान टैंक में पानी भरने से मौत हो गई थी। 7 जुलाई को उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया था और अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 19 जुलाई की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।


पंकज ने 13 साल पहले भारतीय सेना में नौकरी शुरू की थी। एक साल बाद उनकी शादी हाजीपुर के अकिलाबाद में हुई थी। उनके डेढ़ साल के बेटे हैं। 25 अप्रैल को वे एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन 15 दिन बाद आपात स्थिति के कारण उन्हें वापस बुला लिया गया। उनके पिता मनोज रजक पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और दादा महेश रजक BSF से सब-इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हैं।


पंकज के भाई विपिन कुमार ने बताया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पंकज ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने को कहा था। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर हजारों लोग उनके घर उमड़ पड़े। क्षेत्रीय विधायक संजय सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम विदाई दी।  


रिपोर्टर: विक्रमजीत