ब्रेकिंग
PM मोदी का मुखौटा पहनकर मोबाइल शॉप में चोरी, 5 लाख के स्मार्टफोन लेकर फरार हुआ शातिरBihar Education News: शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए DEO की पोस्टिंग, RDDE भी बदले गए, लिस्ट देखें....बिहार में PPP मॉडल पर बनेंगे 31 विश्वस्तरीय बस स्टैंड, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं और होटल-मॉल भी होंगेमुजफ्फरपुर में कार के अंदर हथियार लहराने का वीडियो वायरल, SSP ने दिए जांच के आदेश, सोना बेचकर लोहा खरीदने की बात कर रहा शख्सबिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 नए केंद्रीय विद्यालय, 31 बस स्टैंड का आधुनिकीकरण, सोमनाथ यात्रा को मंजूरीPM मोदी का मुखौटा पहनकर मोबाइल शॉप में चोरी, 5 लाख के स्मार्टफोन लेकर फरार हुआ शातिरBihar Education News: शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए DEO की पोस्टिंग, RDDE भी बदले गए, लिस्ट देखें....बिहार में PPP मॉडल पर बनेंगे 31 विश्वस्तरीय बस स्टैंड, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं और होटल-मॉल भी होंगेमुजफ्फरपुर में कार के अंदर हथियार लहराने का वीडियो वायरल, SSP ने दिए जांच के आदेश, सोना बेचकर लोहा खरीदने की बात कर रहा शख्सबिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 नए केंद्रीय विद्यालय, 31 बस स्टैंड का आधुनिकीकरण, सोमनाथ यात्रा को मंजूरी

Bihar News: समस्तीपुर में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, शव निकालने के लिए बुलानी पड़ी JCB

Bihar News: समस्तीपुर में शौचालय टंकी साफ करते वक्त बाप-बेटे समेत तीन की दम घुटने से मौत हो गई है। JCB से निकाले गए शव, हसनपुर सीएचसी पर लगे लापरवाही के आरोप।

Bihar News
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar News: बिहार के समस्तीपुर जिले में मंगलवार की देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ है। जिसमें शौचालय की टंकी साफ करने के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। यह घटना लरझाघाट थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई, जहां भानू साह के बेटे राम उमेश साह (42), उनके भाई दया राम साह और दया राम का 15 वर्षीय बेटा राधेश्याम कुमार टंकी में उतरते वक्त बेहोश हो गए। रिसाव रोकने के लिए सफाई के दौरान ऑक्सीजन की कमी से तीनों की जान चली गई, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। शवों को निकालने के लिए जेसीबी से टंकी की दीवार तोड़नी पड़ी।


यह हादसा तब हुआ जब राम उमेश साह टंकी में उतरे और बाहर नहीं लौटे। इसके बाद दया राम उन्हें बचाने के लिए नीचे गए, लेकिन वे भी बेहोश हो गए। फिर राधेश्याम ने अपने पिता को बचाने की कोशिश की पर तीनों ही जहरीली गैसों के कारण अचेत हो गए। शोर सुनकर ग्रामीणों ने जेसीबी मंगवाकर टंकी की दीवार तोड़ी और रस्सियों से शवों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें गंभीर हालत में बेगूसराय रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही तीनों की मौत हो गई।


परिजनों और ग्रामीणों ने हसनपुर सीएचसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है, "हमने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां ऑक्सीजन तक उपलब्ध नहीं थी। डॉक्टरों ने गंभीरता नहीं दिखाई। समय पर इलाज मिला होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।" वहीं, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों की हालत पहले से ही नाजुक थी और उन्हें बचाना संभव नहीं था।