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बिहार में गुंडाबैंक चलाने वालों का खौफ देखिये, दबाव से तंग आकर चिकेन व्यवसायी ने उठा लिया बड़ा कदम

नसरुद्दीन कुरैशी पीड़ित के बड़े भाई ने बताया की “मेरे छोटे भाई जावेद कुरैशी ने कर्ज के दबाव में जहर खा लिया। जिन लोगों से उसने पैसा लिया था, वो लोग रोज गाली–गलौज कर रहे थे, धमकी दे रहे थे कि पैसा नहीं दिया तो जान से मार देंगे।

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कब बंद होगा गुंडा बैंक
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

GOPALGANJ:- बिहार में गुंडा बैंक बंद होने का दावा बिहार के गृह मंत्री और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी कर रहे हैं. लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और नजर आ रही है। ताजा मामला बिहार के गोपालगंज जिले से सामने आई है। जहां सूद पर पैसा लेना एक चिकन विक्रेता को भारी पड़ गया जब पैसे सूद पर लगाने वाला लगातार पैसे की डिमांड करने लगा और दबाव बनाने लगा। दबाव से तंग आकर चिकेन व्यवसायी ने बड़ा कदम उठा लिया। उसने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। 


गोपालगंज से इस वक्त एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कर्ज और सूदखोरों के दबाव से परेशान एक मुर्गा व्यवसायी ने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की है। पीड़ित की हालत नाजुक बनी हुई है और सदर अस्पताल में इलाज जारी है। यह मामला गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मठिया गांव का है। पीड़ित की पहचान मुर्गा व्यवसायी जावेद कुरैशी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जावेद कुरैशी ने कुछ समय पहले अपनी मां के इलाज के लिए एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। लेकिन एक कर्ज चुकाने के लिए उसने दूसरे व्यक्ति से और फिर तीसरे व चौथे व्यक्ति से भी ब्याज पर पैसे ले लिए। 


इस तरह जावेद चार अलग–अलग लोगों से ब्याज पर कर्ज के जाल में फँसता चला गया। आरोप है कि कर्ज देने वालों ने मूलधन के साथ भारी–भरकम ब्याज की मांग शुरू कर दी। पीड़ित से प्रतिदिन 50 हजार रुपये पर 500 रुपये रोजाना ब्याज मांगा जा रहा था। ब्याज जोड़ते–जोड़ते सूदखोरों ने मूलधन 50 हजार रुपये को बढ़ाकर 10 से 12 लाख रुपये तक की मांग कर दी। नसरुद्दीन कुरैशी पीड़ित के बड़े भाई ने बताया की “मेरे छोटे भाई जावेद कुरैशी ने कर्ज के दबाव में जहर खा लिया। जिन लोगों से उसने पैसा लिया था, वो लोग रोज गाली–गलौज कर रहे थे, धमकी दे रहे थे कि पैसा नहीं दिया तो जान से मार देंगे। 


अपशब्द और भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी डर और मानसिक प्रताड़ना के कारण मेरे भाई ने जहर खा लिया।” पीड़ित के भाई नसरुद्दीन कुरैशी ने आगे बताया कि इलाज के लिए लिए गए 50 हजार रुपये के बदले सूदखोर डबल ब्याज मांग रहे थे। लगातार धमकी, गाली–गलौज और जान से मारने की धमकी से जावेद पूरी तरह टूट चुका था। जहर खाने के बाद परिजनों ने आनन–फानन में जावेद को सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया।


 फिलहाल उसका इलाज जारी है और हालत नाजुक बताई जा रही है। यह मामला एक बार फिर जिले में सक्रिय अवैध सूदखोरी और गरीब–मध्यम वर्ग पर उसके घातक प्रभाव को उजागर करता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक सूदखोरों के दबाव में लोग अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे। फिलहाल पीड़ित का इलाज चल रहा है। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।

REPORT: NAMO NARAYAN MISHRA/GOPALGANJ 

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