ब्रेकिंग
जमुई में टेलीग्राम के 'साइबर जिहाद मूवमेंट' ग्रुप से जुड़े दो नाबालिग पकड़े गए, विदेशी हैंडलर से संपर्क का आरोप✦मुंगेर में 11 लाख 11 हजार 111 दीपों से जगमगाया कल्याणपुर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया भव्य दीपोत्सव का शुभारंभ✦मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश और देशवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले..इसे आपसी सद्भाव और उल्लास के साथ मनाएं✦नशेड़ी को अगवा कर करोड़ों की जमीन लिखवाने का आरोप, थाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, मां ने लगाई न्याय की गुहार ✦बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का शेड्यूल जारी, सम्राट सरकार इस दिन पेश करेगी अनुपूरक बजट✦जमुई में टेलीग्राम के 'साइबर जिहाद मूवमेंट' ग्रुप से जुड़े दो नाबालिग पकड़े गए, विदेशी हैंडलर से संपर्क का आरोप✦मुंगेर में 11 लाख 11 हजार 111 दीपों से जगमगाया कल्याणपुर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया भव्य दीपोत्सव का शुभारंभ✦मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश और देशवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले..इसे आपसी सद्भाव और उल्लास के साथ मनाएं✦नशेड़ी को अगवा कर करोड़ों की जमीन लिखवाने का आरोप, थाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, मां ने लगाई न्याय की गुहार ✦बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का शेड्यूल जारी, सम्राट सरकार इस दिन पेश करेगी अनुपूरक बजट

बिहार : दवाओं की मनमानी कीमत पर लगेगी रोक, नीतीश सरकार बनाने जा रही खास यूनिट

PATNA : बिहार के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य में दवाओं की मनमानी कीमत पर नकेल कसने के लिए नीतीश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने

बिहार : दवाओं की मनमानी कीमत पर लगेगी रोक, नीतीश सरकार बनाने जा रही खास यूनिट
Editor
2 मिनट

PATNA : बिहार के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य में दवाओं की मनमानी कीमत पर नकेल कसने के लिए नीतीश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बिहार में मूल्य निगरानी संसाधन इकाई यानी प्राइस मॉनिटरिंग रिसोर्स यूनिट के गठन का फैसला किया है। यह यूनिट अलग-अलग कंपनियों की दवाओं की असल कीमत के मुताबिक बिक्री प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेगा। राज्य में अब तक इस इकाई का गठन नहीं किया गया था जिसकी वजह से दवा विक्रेता कंपनी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बाजार में दवाओं को बेच रहे थे। 


इस यूनिट का गठन होने के बाद बिहार देश में 16वां ऐसा राज्य होगा जहां दवाओं की कीमतों पर निगरानी के लिए सिस्टम काम करेगा। सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में इस इकाई के गठन के लिए आवश्यक मंजूरी भी दी जा चुकी है। पिछले दिनों हुई बैठक में इस पर सहमति दी गई है। मूल्य निगरानी संसाधन इकाई में दवा कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल होंगे, जो समय-समय पर दवाओं की कीमत में होने वाले बदलाव की जानकारी देंगे।


सरकार के इस फैसले से आम लोगों को मदद मिलेगी। एक तो दवाओं का मूल्य सही तरीके से तय हो पाएगा, साथ ही साथ राज्य के अंदर दवा प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी। बिहार में फिलहाल दवाओं की कीमतों को लेकर कई तरह की खामियां नजर आती हैं। एक तरफ जहां छोटी दवा कंपनियों में सरकार के इस फैसले से बेचैनी है तो वहीं बड़ी कंपनियां यह मानकर चल रही है कि उन्हें अब राज्य में छोटी कंपनियों से ज्यादा टक्कर नहीं मिलेगी।