MUNGER: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों दीपोत्सव का शुभारंभ होते ही मुंगेर जिले का कल्याणपुर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर स्थित मां बड़ी दुर्गा महारानी के प्रांगण में गंगा तट पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान एक-दो हजार नहीं, बल्कि पूरे 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित किए गए।
देश के दूसरे और बिहार के सबसे बड़े दीपोत्सव के दावे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु और आम लोग पहुंचे। दीपों की रोशनी से पूरा गंगा तट जगमगा उठा। वहीं, गंगा को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। गंगा के बीच बने टापू से हुई भव्य आतिशबाजी ने आसमान को भी रोशन कर दिया। दीपों की जगमगाहट, गंगा की लहरों और आतिशबाजी के अद्भुत नजारे ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तस्वीरें मुंगेर जिले के कल्याणपुर की हैं, जहां इस बार दीपावली का पर्व भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया गया। मां बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में आयोजित इस दीपोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहला दीप प्रज्वलित कर किया। इसके साथ ही 11 लाख 11 हजार 111 दीप जलाए गए और देखते ही देखते पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा।
गंगा तट पर स्थित मां बड़ी दुर्गा महारानी का प्रांगण दीपों की रोशनी से नहाया नजर आया। चारों ओर सजी दीपों की कतारें आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। गंगा को भी रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। गंगा की लहरों पर पड़ती रोशनी की खूबसूरत छटा ने इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
दीपोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण गंगा के बीच बने टापू से की गई आतिशबाजी रही। आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी रोशनी को देखकर लोग रोमांचित हो उठे। इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए लोगों में होड़ लगी रही।
इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। लाखों की संख्या में श्रद्धालु और आम लोग भी इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने। आयोजन के कर्ता डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने इसे मुंगेर की धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विशेष आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ मुंगेर के बेटे भी हैं। आने वाले वर्षों में इससे भी बड़ा दीपोत्सव आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
मुंगेर के कल्याणपुर में आयोजित यह दीपोत्सव सिर्फ दीप जलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का भव्य उत्सव बन गया। 11 लाख 11 हजार 111 दीपों की रोशनी, सजा हुआ गंगा तट और आसमान में आतिशबाजी का नजारा लोगों के लिए यादगार बन गया।




मुंगेर से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट





