ब्रेकिंग
PMCH के प्रिंसिपल पर कार्रवाई से पहले निशांत ने कराई जासूसी, नौकरी छोड़ने का ऐलान करने वाले प्रिंसिपल को नहीं मिलेगा वीआरएस, होगी कड़ी कार्रवाईअनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए बेटे ने बाप की करवाई हत्या, 10 लाख की सुपारी देकर रची खौफनाक साजिशPMCH के पूर्व प्रिंसिपल पर होगा एक्शन!..डॉ. NP सिंह की PC के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए बनाई हाईलेवल कमिटीबिहार में बसेंगे नए सैटेलाइट शहर, पुराने शहरों का भी होगा कायाकल्पबांकीपुर से चुनाव लड़ने का प्रशांत किशोर ने किया ऐलान, कहा..सम्राट चौधरी के सीएम बनने से नाराज हैं क्षेत्र की जनताPMCH के प्रिंसिपल पर कार्रवाई से पहले निशांत ने कराई जासूसी, नौकरी छोड़ने का ऐलान करने वाले प्रिंसिपल को नहीं मिलेगा वीआरएस, होगी कड़ी कार्रवाईअनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए बेटे ने बाप की करवाई हत्या, 10 लाख की सुपारी देकर रची खौफनाक साजिशPMCH के पूर्व प्रिंसिपल पर होगा एक्शन!..डॉ. NP सिंह की PC के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए बनाई हाईलेवल कमिटीबिहार में बसेंगे नए सैटेलाइट शहर, पुराने शहरों का भी होगा कायाकल्पबांकीपुर से चुनाव लड़ने का प्रशांत किशोर ने किया ऐलान, कहा..सम्राट चौधरी के सीएम बनने से नाराज हैं क्षेत्र की जनता

Bihar land mutation: पुश्तैनी ज़मीन की दाखिल-खारिज के लिए वंशावली में संबंध स्पष्ट करना अनिवार्य, नहीं तो खारिज हो जाएगा आवेदन

Bihar land mutation: बिहार में पुश्तैनी ज़मीन का दाखिल-खारिज अब पहले से ज्यादा सख्ती से किया जाएगा। सरकार ने ऐसे मामलों में अस्वीकृति के बढ़ते मामलों को देखते हुए जन जागरूकता अभियान शुरू किया है।

बिहार भूमि, दाखिल खारिज, पुश्तैनी ज़मीन, वंशावली प्रमाणपत्र, ज़मीन का मालिकाना हक, अंचल कार्यालय, भूमि सुधार विभाग, Bihar Bhumi, land mutation, ancestral land, genealogy certificate, land ownership, R
पुश्तैनी ज़मीन के दाखिल-खारिज के लिए वंशावली में संबंध स्पष्ट होना अनिवार्य — बिहार सरकार ने शुरू कि
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

 Bihar land mutation: अगर आप अपनी पुश्तैनी ज़मीन का दाखिल-खारिज (Mutation) कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बताया है कि दाखिल-खारिज के हजारों आवेदन हर साल केवल इसलिए खारिज हो जाते हैं क्योंकि वंशावली में संबंध स्पष्ट नहीं होता।


भूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया बेहद अहम होती है, जिसे अंचल कार्यालय के माध्यम से पूरा किया जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए विभाग ने 'दाखिल-खारिज जन जागरूकता अभियान' शुरू किया है, जिसमें आम जनता को बताया जा रहा है कि उनके आवेदन खारिज क्यों होते हैं और उससे कैसे बचा जाए।


क्या है मुख्य कारण?

विभाग की जानकारी के अनुसार, सबसे आम कारण है ,वंशावली (genealogy) में पारिवारिक संबंध का स्पष्ट उल्लेख न होना। खासकर पुश्तैनी ज़मीन के मामलों में यह और अधिक जरूरी हो जाता है। वंशावली में मूल रैयत (जमीन मालिक) के नीचे उत्तराधिकारियों का सही और स्पष्ट विवरण देना अनिवार्य है।

किससे प्रमाणित कराएं वंशावली?

शहरी क्षेत्रों में: कार्यपालक पदाधिकारी या वार्ड पार्षद

ग्रामीण क्षेत्रों में: ग्राम पंचायत के सरपंच

अन्य विकल्प: यदि कोर्ट से वंशावली प्रमाणित है तो वह भी मान्य होगी।

वंशावली में परिवार की महिला सदस्यों का भी उल्लेख करना जरूरी है।

क्या न करें:

बिना संबंध स्पष्ट किए आवेदन न करें

केवल पारिवारिक जानकारी देना पर्याप्त नहीं, प्रामाणिक दस्तावेज़ लगाएं