Bihar News: बिहार सरकार ने अवैध बालू और पत्थर खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। अब जांच टीम पर हमला करने, मारपीट करने या सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, खनिज विकास पदाधिकारी और सहायक निदेशक ऐसे मामलों में CCA लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य अवैध खनन माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है।
इस संबंध में खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई और अधिकारियों को आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी पर हमला होता है या सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई जाती है, तो संबंधित मामले में तत्काल CCA लगाने का प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों पर सख्त नियंत्रण जरूरी है ताकि कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त प्रस्तावों की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध खनन के नेटवर्क को कमजोर करने और माफियाओं की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
CCA (बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम) एक निवारक कानून है, जिसका उपयोग उन व्यक्तियों के खिलाफ किया जाता है जिनकी गतिविधियां लगातार कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनती हैं। इसके तहत किसी व्यक्ति को जिले या क्षेत्र से तड़ीपार किया जा सकता है, उसकी गतिविधियों और आवाजाही पर निगरानी रखी जा सकती है तथा किसी विशेष क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।




