ब्रेकिंग
AK-47 फायरिंग मामले में तेजस्वी यादव का सरकार पर गंभीर आरोप, न्यायिक जांच की मांगबांकीपुर उपचुनाव: नीतीश कुमार ने भी भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा के लिए मांगे वोट, बीजेपी ने वीडियो संदेश किया जारीआंदोलनकारियों के सामने झुकी बिहार सरकार: नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लेने की घोषणाछात्रों के सामने झुकी सरकार: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस, बिहार गवर्मेंट का बड़ा फैसला बांकीपुर उपचुनाव: नीरज सिन्हा के लिए सीएम सम्राट ने मांगा वोट, रोड शो में हुए शामिल, बोले.. भाजपा की जीत ही बांकीपुर की जनता की जीतAK-47 फायरिंग मामले में तेजस्वी यादव का सरकार पर गंभीर आरोप, न्यायिक जांच की मांगबांकीपुर उपचुनाव: नीतीश कुमार ने भी भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा के लिए मांगे वोट, बीजेपी ने वीडियो संदेश किया जारीआंदोलनकारियों के सामने झुकी बिहार सरकार: नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लेने की घोषणाछात्रों के सामने झुकी सरकार: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस, बिहार गवर्मेंट का बड़ा फैसला बांकीपुर उपचुनाव: नीरज सिन्हा के लिए सीएम सम्राट ने मांगा वोट, रोड शो में हुए शामिल, बोले.. भाजपा की जीत ही बांकीपुर की जनता की जीत

आंदोलनकारियों के सामने झुकी बिहार सरकार: नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लेने की घोषणा

बिहार सरकार ने नीट-यूजी विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज सभी एफआईआर और आपराधिक मुकदमे वापस लेने की घोषणा की है। सरकार ने कहा है कि इन छात्रों के खिलाफ भविष्य में भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी

बिहार न्यूज
एफआईआर को वापस ले लिया जायेगा
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार सरकार ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नीट-यूजी परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने की घोषणा की है। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन विरोध प्रदर्शनों से जुड़े छात्रों के खिलाफ भविष्य में भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने तय किया है कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज सभी एफआईआर को वापस ले लिया जायेगा.


सरकार की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की आशंकाओं को लेकर राज्य भर में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाइयों को पूर्ण रूप से वापस लिया जाएगा। सरकार का यह कदम छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उनकी शिक्षा और करियर प्रभावित न हो।


ज्ञात हो कि नीट-यूजी परीक्षा को लेकर देश भर में विवाद गहराया था। बिहार सहित कई राज्यों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनों के दौरान कुछ जगहों पर तनाव, झड़प औऱ हिंसा की घटनायें हुई थीं. जिसके बाद पुलिस ने कई छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। इन मामलों में धाराएं जैसे जानलेवा हमला करना, सरकारी सेवकों के काम में बाधा डालना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, अवैध जमावड़ा और अन्य संबंधित धाराएं शामिल थीं।


सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार ने इस मामले की समीक्षा की। समीक्षा के बाद सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया।


सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “छात्र हमारे भविष्य हैं। नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। सभी लंबित मामले तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएंगे और भविष्य में भी इन छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जाएगा।”


इस घोषणा से छात्र संगठनों और अभिभावकों में राहत की लहर है। कई छात्र नेताओं ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम युवाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब नीट परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की शिकायत न हो।


सरकार ने छात्रों से अपील की है कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और किसी भी प्रकार के आंदोलन या प्रदर्शन से दूर रहें। साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उचित माध्यमों से सुझाव देने को कहा गया है।


यह घोषणा सोमवार को हुई, जिससे राज्य के हजारों छात्रों को राहत मिली है जो पिछले कई दिनों से कानूनी मामलों के दबाव में थे। उम्मीद है कि जल्द ही सभी संबंधित थानों में मामलों को औपचारिक रूप से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

टैग्स