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Bihar Flood: गंगा ने बढ़ाई पटना की टेंशन! कई घाट डूबे, 13 जिले बाढ़ की चपेट में; CM सम्राट करेंगे एरियल सर्वे

बिहार में भारी बारिश के बीच गंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं। पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई घाट डूब चुके हैं। मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर है। CM सम्राट चौधरी आज पटना का एरियल सर्वे करेंगे।

Bihar Flood: गंगा ने बढ़ाई पटना की टेंशन! कई घाट डूबे, 13 जिले बाढ़ की चपेट में; CM सम्राट करेंगे एरियल सर्वे
Tejpratap
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पटना: बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। राजधानी पटना में भी स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा का पानी बढ़ने से कई घाट पहले ही डूब चुके हैं, जबकि नदी किनारे बसे निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

पटना में गांधी घाट को सबसे संवेदनशील स्थानों में माना जा रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। वहीं, मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। यहां गंगा का पानी 39.36 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 39.33 मीटर निर्धारित है। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 3 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

पटना में डीएम ने किया संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण

बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए पटना के डीएम कुंदन कुमार ने एसएसपी और नगर आयुक्त के साथ कई संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला समेत नदी किनारे के इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल से जुड़े 108 रास्तों को बंद करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बढ़ते जलस्तर की स्थिति में नदी का पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने से रोका जा सके। इसके अलावा 13 स्लुईस गेट में हो रहे लीकेज को बंद कराने की कार्रवाई भी की गई है। अधिकारियों को ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को लगातार सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि बारिश और संभावित बाढ़ के कारण जमा होने वाले पानी की निकासी तेजी से की जा सके।

इन नदियों का भी बढ़ रहा जलस्तर

बिहार में सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदियों में बढ़ते पानी के कारण तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

राज्य के करीब 13 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने विशेष रूप से भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जैसे जिलों में सतर्कता बढ़ाई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

CM सम्राट चौधरी करेंगे एरियल सर्वे

बाढ़ से बिगड़ते हालात के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को पटना और आसपास के बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील इलाकों का एरियल सर्वे करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12:55 बजे हवाई सर्वेक्षण के जरिए स्थिति का जायजा लेंगे।

एरियल सर्वे के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि बैठक में अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।

बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता

पटना में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ-साथ नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई घाटों के डूबने के बाद अब निचले इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में समय रहते संवेदनशील इलाकों को सुरक्षित किया जा सके।

फिलहाल प्रशासन हाई अलर्ट मोड में है। जल संसाधन विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से भी नदी के किनारे जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।बिहार में बाढ़ की स्थिति तेजी से बदल रही है। गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर, पटना के संवेदनशील इलाकों और प्रशासन की तैयारियों से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए जुड़े रहिए।