Bihar Flood News: भागलपुर जिले में गंगा नदी के कटाव ने एक बार फिर तबाही मचा दी है. सबौर प्रखंड की फरका पंचायत के इंग्लिश गांव में रविवार अहले सुबह अचानक तेज कटाव शुरू हो गया. देखते ही देखते करीब 15 घर गंगा की तेज धारा में समा गए. कई परिवारों के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया है. कटाव की चपेट में आने से पहले ही ग्रामीणों ने किसी तरह घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन घर के अंदर रखा अधिकांश सामान नदी की धारा में बह गया.
कटाव की सूचना मिलते ही अंचल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित इलाके का जायजा लिया. प्रशासन की ओर से कटाव की जद में आने वाले अन्य घरों को भी खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. साथ ही कटावरोधी कार्य शुरू कर दिया गया है.
रात में अचानक कटने लगा घर
इंग्लिश गांव निवासी 45 वर्षीय राधे साह अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ रविवार रात खाना खाने के बाद घर में सो रहे थे. रात करीब सवा दो बजे राधे की मां को घर की छत पर लगे टिन के शेड के टूटने की आवाज सुनाई दी. उन्हें लगा कि शायद घर में कोई घुस आया है. उन्होंने शोर मचाया तो राधे और परिवार के अन्य सदस्य जाग गए.
परिवार के लोग जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि घर का एक हिस्सा धीरे-धीरे गंगा की धारा में कट रहा था. स्थिति को समझते ही सभी लोग घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे. राधे किसी तरह अपने घर से गाय को बाहर निकाल पाए. इसके कुछ ही देर बाद दो कमरे का पक्का मकान और टिन के शेड से बने दो कमरे गंगा में समा गए.
राधे और उनके परिवार के सामने उनका आशियाना उनकी आंखों के सामने नदी में बह गया. घर में रखे बक्से, चौकी, पलंग, अलमारी, अनाज और पशुओं का चारा समेत कई सामान भी पानी की तेज धारा में बह गए. रात के अंधेरे में कुछ ही मिनटों के भीतर घर और सामान नदी की धारा में दिखाई देना बंद हो गया.
रात दो से ढाई बजे के बीच 15 घरों पर टूटा कहर
ग्रामीणों के अनुसार रात करीब दो से ढाई बजे के बीच वार्ड नंबर तीन में एक के बाद एक कई घर कटाव की चपेट में आ गए. घरों के नदी में गिरने की आवाज और लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी अपने घरों से बाहर निकल आए.
ग्रामीण राजू चौबे, मणिभूषण चौबे और भगवान यादव ने बताया कि जिस तेजी से जमीन कट रही थी, उसे देखकर उन्हें भी अपने घर के गंगा में समा जाने का डर सताने लगा. उन्होंने अपने परिवार के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और घर में रखे जरूरी सामान को बाहर निकालकर सड़क किनारे रखना शुरू कर दिया.
ग्रामीणों के मुताबिक सुबह करीब तीन बजे के बाद कटाव फिलहाल रुक गया, लेकिन लोगों में डर बना हुआ है. कटाव की जद में अभी भी कई घर हैं और ग्रामीणों ने अपने सामान को समेटकर सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है.
खेती योग्य जमीन पहले ही निगल चुकी है गंगा
कटाव से प्रभावित परिवारों का कहना है कि गंगा पहले ही उनकी खेती योग्य जमीन का बड़ा हिस्सा अपने साथ बहा ले गई है. अब घर भी नदी में समा जाने से परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है.
पीड़ित परिवारों ने बताया कि घर और सामान चले जाने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है. परिवारों के पास फिलहाल रहने के लिए सुरक्षित जगह की समस्या बनी हुई है.
एक दर्जन से अधिक घर अभी भी कटाव की जद में
इंग्लिश गांव में एक दर्जन से अधिक ऐसे घर हैं, जिन पर अभी भी कटाव का खतरा बना हुआ है. फरका पंचायत के मुखिया राजेंद्र प्रसाद मंडल और ग्रामीण सतीश कुमार के अनुसार राधे साह, सरवन साह, शंकर साह, प्रकाश साह, छोटू तांती, प्रमोद तांती, कुलदीप तांती, विशाल तांती, तुला तांती, अवधेश तांती, राजकुमार तांती, क्रांति तांती, भरत, संतोष, शंभू और छोटू समेत कई लोगों के घर कटाव की चपेट में आए हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि इनमें से कई घरों का कुछ हिस्सा पहले ही गंगा कटाव में क्षतिग्रस्त हो चुका था. खतरे को देखते हुए कई परिवार पहले से ही घर खाली कर दूसरी जगह रहने लगे थे.
सीओ ने प्रभावित परिवारों को सहायता का भरोसा दिया
सबौर की अंचलाधिकारी दिव्या कुमारी ने कटाव स्थल का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि कटाव पीड़ित परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है. सरकारी प्रावधान के तहत जो भी सहायता राशि निर्धारित होगी, वह पीड़ितों को दिलाई जाएगी. प्रभावित लोगों को जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया गया है.
उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई चलाने को लेकर जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है. आदेश मिलने के बाद जरूरत के अनुसार किचन की व्यवस्था की जाएगी.
इंग्लिश गांव में कटाव की जानकारी मिलने के बाद फ्लड फाइटिंग की टीम भी मौके पर पहुंच गई. कटाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया है. करीब 200 मजदूर और छह नावों को इस काम में लगाया गया है.
फ्लड फाइटिंग के कनीय अभियंता चंचल कुमार ने बताया कि कटाव स्थल पर मजदूरों की मदद से बचाव कार्य तेजी से कराया जा रहा है. उनके अनुसार इस स्थान पर गंगा की धारा गोल घूमते हुए कुछ दूरी आगे बढ़कर बह रही है. इससे आशंका है कि पानी अंदर ही अंदर मिट्टी को काट रहा है, जिसके कारण नदी किनारे की जमीन तेजी से धंस रही है.
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में भी इसी इलाके में भीषण गंगा कटाव हुआ था. उस समय भी कई घर नदी में समा गए थे. इस बार दोबारा कटाव तेज होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.





