ब्रेकिंग
बिहार के कोचिंग संस्थानों पर हाई कोर्ट में PIL दायर, मानकों के उल्लंघन की जांच की मांगशिक्षा विभाग में DPO प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल ! सारण ही नहीं मोतिहारी डीपीओ भी 4 सालों से हैं 'डेपूटेशन' पर, तबादला के बाद फिर से पूर्वी चंपारण में करा ली थी वापसी, खुलासे के बाद उठे गंभीर सवाल ‘अगर कोई हम पर रिवॉल्वर तानता है तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर फिर बोले जीतन राम मांझीभरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना, जांच पर उठे सवालAadhaar यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव: mAadhaar ऐप बंद, UIDAI ने लॉन्च किया नया Aadhaar App; जानें.. नए फीचर्सबिहार के कोचिंग संस्थानों पर हाई कोर्ट में PIL दायर, मानकों के उल्लंघन की जांच की मांगशिक्षा विभाग में DPO प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल ! सारण ही नहीं मोतिहारी डीपीओ भी 4 सालों से हैं 'डेपूटेशन' पर, तबादला के बाद फिर से पूर्वी चंपारण में करा ली थी वापसी, खुलासे के बाद उठे गंभीर सवाल ‘अगर कोई हम पर रिवॉल्वर तानता है तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर फिर बोले जीतन राम मांझीभरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना, जांच पर उठे सवालAadhaar यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव: mAadhaar ऐप बंद, UIDAI ने लॉन्च किया नया Aadhaar App; जानें.. नए फीचर्स

Bihar News: बाढ़-सिंचाई के लिए बिहार को केंद्र की बड़ी सौगात, 11,500 करोड़ की मदद का ऐलान

Bihar News: बिहार को बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 11,500 करोड़ की बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कोसी-मेची नदी जोड़, बागमती तटबंध और पश्चिमी कोसी नहर परियोजना का हवाई सर्वेक्षण किया।

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar News: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में सौगातों की बरसात हो रही है। सड़क, पानी, रोजगार और बीजली आदि सभी व्यवस्थाओं को पूर्ण करने में सरकार जुटी हुई है। साथ ही एनडीए की ओर से लगातार जनता का दिल जितने की कोशिश की जा रही है। केंद्र से बड़ी योजनाओं की घोषणा की जा रही है। दूसरी ओर बिहार इस समय बाढ़ के कहर को झेल रहा है। गांव के गांव डूब गए है। ऐसे में अब  केंद्र सरकार की ओर से बिहार को बड़े पमाने पर बाढ़ से निपटने और बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 


केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बिहार को जल संसाधन क्षेत्र में सहायता देने के लिए 11,500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करेगी। इसको लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने गुरुवार को पटना में बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, विभाग के प्रधान सचिव संतोष मल्ल और अन्य आला अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।


बैठक के दौरान बिहार में बाढ़ नियंत्रण, नदी जोड़ परियोजनाएं और सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मंत्री पाटिल ने वीरपुर, कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना स्थल, पश्चिमी कोसी नहर और बागमती नदी के तटबंध का हवाई सर्वेक्षण भी किया। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी और बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी उपस्थित थे।


इस दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और उससे जुड़ी चुनौतियों से अवगत कराया। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बाढ़ से हर साल हजारों एकड़ फसल नष्ट होती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रीय परियोजनाओं से कृषि उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही बाढ़ नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।


केंद्रीय मंत्री पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि जल संसाधन मंत्रालय राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं की निगरानी नियमित रूप से की जाए ताकि किसी भी तरह की देरी या रुकावट से बचा जा सके।


केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 11,500 करोड़ रुपये की यह राशि कोसी, बागमती और गंडक नदी बेसिन में बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई विस्तार, तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और नदी जोड़ परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। इन योजनाओं से राज्य के लाखों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब देखना ये है कि बिहार के लिए इतनी बड़ी रकम का उपयोग उन पड़ितों के लिए होता है या फिर हर बार की तरह भष्टाचार के खाते तक सीमित रह जाता है।